आमोद मे हुई अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हुई नारी सशक्तिकरण एवं सामाजिक चिंतन गोष्ठी, महिलाओं दी गई मौलिक अधिकारों की जानकारी

​जांजगीर-चांपा जिला मे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 08/03/2026 को सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन के तत्वाधान में ग्राम अमोदा में ‘नारी सशक्तिकरण एवं सामाजिक चिंतन गोष्ठी’ का भव्य आयोजन किया गया।जिसमे नारी सक्तियों के साथ पुरुषों को संगठन के सदस्यो द्वारा भारत के संविधान मे निहित मौलिक अधिकारों की जानकारी दी गई |

संगठन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार चंद्राकर ने संविधान के मुख्य बिन्दुयों पर चर्चा करते हुए बताया की  1. समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18), 2. स्वतंत्रता का अधिकार (अनु. 19-22), 3. शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनु. 23-24), 4. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (अनु. 25-28), 5.सांस्कृतिक तथा शिक्षा सम्बन्धी अधिकार (अनु. 29-30), 6. संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनु. 32) ये सभी हमारी मौलिक अधिकार है | इसके अलावा नारी प्रताड़ना, दहेज़ प्रथा, अंधविश्वास और पाखंडवाद, नारी सुरक्षा, आदि के बारे मे जानकारी प्रदान किया गया| साथ ही हिन्दु कोड बिल की भी जानकारी प्रदान किया गया जिसके तहत महिलाओं को भी पिता और पति की संपत्ति मे पुत्रो के समान अधिकार, सरकारी नौकरी मे महिलाओं को मातृत्व अवकाश आदि अधिकार देकर बाबा साहेब ने भारत के समस्त महिलओ पर उपकार किया है जिसकी जानकारी प्रदान किया गया |

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तथागत बुद्ध के धम्म में निहित नैतिक आचार नियमों की भी व्याख्या किया गया जिसमें संगठन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार चंद्राकर उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार सूर्यवंशी महासचिव सुखदेव राजहंस संगठन के सक्रिय सदस्यों में पंकज कुमार सूर्यवंशी, महेश बौद्ध , मुरारी गढ़ेवाल, सुरेश कुमार सूर्यवंशी, अनिल कुमार प्रधान, धनंजय टंडन, शिवनाथ लसार, राजेंद्र बौद्ध , राकेश लाठिया, ओम प्रकाश करियारे, डीडी गढ़ेवाल ,विजय लाठिया,विजय चंद्राकर द्वारा जानकारी प्रदान किया गया l

संगठन के सक्रिय महिला पदाधिकारी में प्रतिभा चंद्राकर , मीरा सूर्यवंशी , उषा बौद्ध ,सुमन सुरेश सूर्यवंशी, निर्मला गढ़ेवाल, उत्तरा सूर्यवंशी, संध्या राजहंस, फुलेश्वरी प्रधान, रीना चंद्राकर, ममता लाठिया, प्रेमकली, नंदिनी टंडन,अनिता बौद्ध, चंद्र कुमारी,सहोदरा देवी,सविता देवी लसार आदि नारी शक्तियों की उपस्थिति रही l

आमोद मे हुई अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हुई नारी सशक्तिकरण एवं सामाजिक चिंतन गोष्ठी, महिलाओं दी गई मौलिक अधिकारों की जानकारी

 

​इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता पुरुषों के साथ महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। समाज की महिलाओं ने न केवल उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि मंच से अपने स्वतंत्र विचार रखकर सामाजिक फैसलों में अपनी भूमिका सुनिश्चित की। नारि शक्तियों मे रामबाई , सुमित्रा बाई, देवमती,नोनीबाई, सुमती बाई,गीता,नीरा, महेतरीन बाई, पूर्णिमा देवी, सुशीला देवी, कु. कल्पना लाठिया,गंगा देवी,रानू लसेर,जया खरे एवं अन्य महिलाए उपस्थित रही,, संगठन के पदाधिकारियों ने इसे ‘क्रांतिकारी परिवर्तन’ की शुरुआत बताते हुए कहा कि जब तक महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर निर्णय नहीं लेंगी, तब तक वास्तविक समाज सुधार संभव नहीं है।

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ग्राम के गणमान्य नागरिकों मे गोविंद चंद्राकर, महावीर कमलाकर, बलिराम चंद्राकर रामाचंद्राकार, मोहनलाल करियारे, बुदल करियारे, सीताराम करियारे, सूदल करियारे और ग्राम के अन्य सदस्य उपस्थित रहे तथा ग्राम के गणमान्य नागरिकों द्वारा कलम देकर नारी शक्तियों का सम्मान किया गया l ​कार्यक्रम के अंत में ग्राम अमोदा के सदस्यों और क्षेत्र की मातृशक्ति का हृदय से आभार व्यक्त किया गया। इस सफल आयोजन ने पूरे परिक्षेत्र में जागरूकता की एक नई मिसाल पेश की है।