बिलासपुर की पीहू को ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ से मिला नया जीवन, सफल ऑपरेशन के बाद पूरी तरह स्वस्थ

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में प्रोजेक्ट धड़कन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू किया गया प्रमुख स्वास्थ्य अभियान है। इसका उद्देश्य एक से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की निःशुल्क पहचान, परामर्श और सफल ऑपरेशन (इलाज) सुनिश्चित करना है। यह पहल राज्य भर में हजारों बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। प्रोजेक्ट धड़कन के तहत पीहू सफल उपचार के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रही है। पीहू के माता-पिता ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिला प्रशासन रायपुर की पहल प्रोजेक्ट धड़कन के तहत बिलासपुर की पीहू को नया जीवन मिला है। प्रोजेक्ट धड़कन के अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य सेवाओं से बिलासपुर के ग्राम भोजपुरी में रहने वाली  11 वर्षीय पीहू कराके की हृदय संबंधी समस्या का इलाज किया गया। पीहू लंबे समय से हृदय संबंधी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही थी। कक्षा छठवीं में पढ़ने वाली पीहू के हृदय में समस्या होने के कारण उसे खेल-कूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों में कठिनाई होती थी। इसी बीच जिला प्रशासन रायपुर द्वारा पुलिस विभाग के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए आयोजित ‘प्रोजेक्ट छांव’ के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। पीहू के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं और जगदलपुर में सेवाएं दे रहे हैं।  इस शिविर में माता पिता  द्वारा पीहू की भी जांच  कराई गई।

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‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की विशेषज्ञ टीम ने पीहू के हृदय की जांच की। प्रारंभिक जांच के बाद पीहू को आगे के उपचार के लिए सत्य साईं हॉस्पिटल, नवा रायपुर भेजा गया। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत जांच के बाद एक सप्ताह के भीतर उसका सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद पीहू को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और अब वह बिलासपुर में अपने घर पर सामान्य जीवन जी रही है। पीहू पूरी तरह स्वस्थ है और पहले की तरह पढ़ाई-लिखाई में मन लगा रही है। साथ ही वह अपनी बहनों और दादी के साथ कैरम और अन्य खेलों का भी आनंद ले रही है।

पीहू की माता इंद्राणी कारके ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की मदद से उनकी बेटी का समय पर इलाज संभव हो सका और अब वह स्वस्थ जीवन जी पा रही है। प्रोजेक्ट धड़कन की पहल न केवल जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध करा रही है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी नई उम्मीद और विश्वास का संचार कर रही है।

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