सीजन का पहला लू अलर्ट: MP में रतलाम, नर्मदापुरम और धार में हीट वेव, 14-15 मार्च को बारिश का अलर्ट

भोपाल 

र्मी के इस सीजन में पहली बार मध्य प्रदेश में  हीट वेव यानी लू का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने रतलाम, धार और नर्मदापुरम में हीट वेव चलने की बात कही है। शुक्रवार को भी इन्हीं जिलों में लू चलेगी।

बुधवार को सीजन में पहली बार पारा 40 डिग्री पर पहुंचा। रतलाम सबसे गर्म रहा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी गर्मी ने तेवर दिखाए। तेज गर्मी के बीच 14 और 15 मार्च को प्रदेश में बारिश, बादल और गरज-चमक वाला मौसम भी रह सकता है।

मौसम विभाग ने वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से दो दिन तक अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को पूरे प्रदेश में तेज गर्मी पड़ी। 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं, ग्वालियर-उज्जैन में 37.7 डिग्री, भोपाल में 36.4 डिग्री और जबलपुर में 36.5 डिग्री रहा।

वहीं, रतलाम में पारा 40 डिग्री रहा। नर्मदापुरम में 39.9 डिग्री, धार में 39.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 38.4 डिग्री, खजुराहो में 38.2 डिग्री, गुना में 38.1 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, मंडला, उमरिया, सागर, खरगोन, खंडवा और श्योपुर में तापमान 37 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इस मार्च में पहली बार अधिकतम तापमान रहा।

See also  एमपी ट्रांसको में विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज़ सत्यापन 1 जुलाई से

दूसरे सप्ताह से गर्मी के तेवर तीखे

प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते से ही गर्मी के तेवर तीखे हैं। सबसे गर्म ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और इंदौर संभाग के शहर है। आने वाले दिनों में यही पर गर्मी का असर ज्यादा रहेगा।

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम है। वहीं, हवा में नमी बहुत कम है। साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से मप्र पहुंचती है। यह अपने साथ गर्मी भी लाती है।

2 दिन इन जिलों में बदलेगा मौसम

    14 मार्च– ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, मुरैना, श्योपुर और भिंड।
    15 मार्च– ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल।

मार्च में सर्दी-जुकाम, एलर्जी का खतरा

डॉक्टरों‎ की मानें तो मार्च का यही मौसम ‎सबसे ज्यादा बीमारियां फैलाता है। दरअसल, इस महीने दिन में तो गर्मी बढ़ जाती है, लेकिन रात और सुबह हल्की ठंड रहती है। कई बार लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं। वहीं, कोल्ड्रिंक्स समेत शीतल पेय पदार्थों का भी सेवन करते हैं। इससे सर्दी-जुकाम एलर्जी‎ और अस्थमा के मरीज बढ़ते हैं। ‎सुबह और देर रात ठंडी हवा से ‎बचना जरूरी है। खासकर बच्चों और ‎बुजुर्गों को।‎

See also  उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में तेज़ी, थावरचंद गहलोत का नाम भी चर्चा में

मार्च के दूसरे सप्ताह में पड़ती है गर्मी

प्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है।