शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, निफ्टी 11 महीने में पहली बार 23,500 के नीचे

मुंबई

शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन कमजोर शुरुआत हुई है. सुबह 9:15 बजे पर सेंसेक्स 530 अंक फिसलकर 75504 के लेवल पर खुला है. निफ्टी 159 अंक गिरकर 34,480 पर ओपन हुआ है.  आपको बता दें कि 17 अप्रैल 2025 के बाद निफ्टी 23,500 के नीचे गिरा है. आज निफ्टी आईटी 0.78%, निफ्टी बैंक, 0.86 फीसदी और निफ्टी ऑटो में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट और निफ्टी मेटल और फाइनेंशियल में भी बिकवाली है. वहीं, एनर्जी और फार्मा सेक्टर में खरीदारी है। 

निफ्टी लूजर्स में एम एंड एम, एचडीएफसी बैंक, एल एंड टी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील शामिल हैं. इनके शेयर्स 1 फीसदी से ज्यादा फिसले हैं. वहीं, निफ्टी टॉप गेनर्स में रिलायंस, इटरनल, पॉवर ग्रिड शामिल हैं. निफ्टी के 50 में से 45 शेयर्स में गिरावट देखी गई. साथ ही, निफ्टी बैंक के सारे शेयर्स में बिकवाली नजर आई है. आपको बता दें कि ईरान और इजराल के बीच चल रहे तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के ऊपर रहने से रुपये पर दबाव बढ़ गया है. इसी कारण रुपया डॉलर के मुकाबले 16 पैसे गिरकर 92.35 पर पहुंच गया। 

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अमेरिकी बाजारों से कमजोरी के संकेत
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, V. K. Vijayakumar के अनुसार पश्चिम एशिया के युद्ध को लेकर बढ़ती अनिश्चितता से वैश्विक बाजारों में कमजोरी बनी हुई है और बाजार फिलहाल अस्थिर स्थिति में हैं. अमेरिकी बाजारों से कमजोरी के संकेत मिल रहा है कि बाजार में तेजी आने में अभी समय लग सकता है. ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर के आसपास रहने से निवेशक सतर्क हैं और विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के कारण बड़े ब्लूचिप शेयरों पर भी दबाव बना हुआ है. हालांकि, फार्मा सेक्टर बाकि के मजबूत बना हुआ है क्योंकि इस पर बाहरी दबाव कम है. रुपये की कमजोरी निर्यात करने वाली फार्मा कंपनियों के लिए फायदेमंद होती है. उनका कहना है कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण माहौल में निवेशकों को घबराने की बजाय शांत रहकर नियमित निवेश जारी रखना चाहिए। 

शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप 533 अरब डॉलर से ज्यादा घटा
साल 2026 में अब तक भारत के शेयर बाजार का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (MCAP) 533 अरब डॉलर से ज्यादा घट चुका है, जो 2011 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है. 2011 में पूरे साल के दौरान करीब 625 अरब डॉलर की मार्केट वैल्यू कम हुई थी. दिलचस्प बात यह है कि भारत के बाजार में आई यह गिरावट कई देशों जैसे Mexico, Malaysia, South Africa, Norway, Finland, Vietnam और Poland के पूरे मार्केट वैल्यू से भी ज्यादा है. वहीं यह गिरावट Chile, Austria, Philippines, Qatar और Kuwait जैसे देशों के मार्केट वैल्यू से लगभग दोगुनी है। 

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अमेरिकी बाजारों का हाल
डाउ जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक कम्पोजिट गुरुवार को 1.5% से ज्यादा गिरकर बंद हुए, क्योंकि ईरान द्वारा दो तेल टैंकरों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं थी. इससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई और निवेशकों ने शेयर बाजार से दूरी बनानी शुरू कर दी. डाउ जोन्स 739.42 अंक (1.56%) गिरकर 46,677.85 पर बंद हुआ, जबकि S&P 500 में 103.22 अंक (1.52%) और नैस्डैक में 404.15 अंक (1.78%) की गिरावट दर्ज की गई. बड़ी बिकवाली के बीच एनर्जी और कुछ डिफेंस शेयरों को छोड़कर ज्यादातर सेक्टर्स में तेज गिरावट देखी गई।