न गैस की झंझट, न बिजली का खर्च: धूप से चलने वाला चूल्हा बना रहा किचन को स्मार्ट

नई दिल्ली

LPG गैस सिलेंडर की किल्लत की खबरों के बीच इंडक्शन चूल्हे भी कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से आउट ऑफ स्टॉक जा चुके हैं। ऐसे में कोई आपसे कहे कि खाना पकाने के लिए ना तो LPG गैस की जरूरत है और ना ही बिजली की तो क्या आप विश्वास करेंगे? दरअसल हम बात कर रहे हैं धूप वाले चूल्हे यानी कि सोलर कुकर की। दरअसल यह एक ऐसा गैजेट या कहें कि चूल्हा है जो गैस की किल्लत और बिजली के भारी बिल से आपको हमेशा के लिए आजादी दिला सकता है। इसका इस्तेमाल उन इलाकों में बखूबी किया जा सकता है, जहां गर्मी अच्छी पड़ती है।

कैसे काम करता है धूप वाला चूल्हा?
सोलर कुकर विज्ञान और टेक्नोलॉजी का जबरदस्त मिक्सचर है। इस चूल्हे में चमकदार शीशा या रिफ्लेक्टर लगा होता है, जो कि सूरज की रौशनी को एक बिंदू पर फोकस करता है। यह अच्छी तरह से गर्म हो, इसके लिए चूल्हे के अंदर का हिस्सा पूरी तरह काला होता है। इसके ऊपर लगा कांच का ढक्कन 'ग्रीन हाउस इफेक्ट' पैदा करता है, यानी यह धूप की गर्मी को अंदर ही कैद कर लेता है और बाहर नहीं जाने देता।

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धूप वाले चूल्हे का तापमान 150°C से भी ज्यादा हो सकता है, जो दाल, चावल और सब्जियां पकाने के लिए काफी है। इसमें खाना धीमी आंच पर पकता है, जिससे उसके पोषक तत्व भी बने रहते हैं।

धूप वाले चूल्हे की कीमत और कहां से खरीदें?
अगर आप धूप वाला चूल्हा खरीदने का मन बना रहे हैं लेकिन जानना चाहते हैं कि इसकी कीमत क्या होती है और इसे कहां से खरीदा जा सकता है, तो बता दें कि बाजार में इसके दो ऑप्शन मिलते हैं। पहला सोलर कुकर एक बॉक्स के प्रकार का होता है, जो छोटे परिवार के लिए बेस्ट है और इसकी कीमत 2,500 से 4,500 रुपये के बीच होती है।

दूसरी तरह के सोलर कुकर को पैराबोलिक कुकर कहते हैं. जो काफी ज्यादा और तेजी से गर्म होता है और 5,000 से 8,000 रुपये में खरीदा जा सकता है। आप इसे Amazon या Flipkart जैसी साइट्स से ऑनलाइन मंगा सकते हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार की अक्षय ऊर्जा योजनाओं के तहत सरकारी केंद्रों से सब्सिडी पर इसे काफी कम कीमत में भी खरीदा जा सकता है। इसके लिए आपको अपने नजदीकी जिला अक्षय ऊर्जा कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।

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सोलर चूल्हे की खूबियां
सोलर चूल्हे की तकनीक न केवल बचत के लिहाज से बेहतरीन है, बल्कि यह आपकी सेहत और सुरक्षा के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है।

    इसे इस्तेमाल करने में ना गैस सिलेंडर पर खर्च करना पड़ता है और न ही बिजली के बिल की चिंता करनी पड़ती है। इसे एक बार खरीदने के लिए खर्चा करना पड़ सकता है लेकिन उसके बाद खाना बनाने का खर्चा हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।
    ​सोलर कुकर में खाना धीरे-धीरे पकता है, इससे खाने के जरूरी विटामिन और मिनरल्स नष्ट नहीं होते।
    सोलर चूल्हे में न आग लगने का डर है, न गैस लीक होने की टेंशन और न ही बिजली के झटके का खतरा। इसे बच्चे या बुजुर्ग भी बिना किसी जोखिम के इस्तेमाल कर सकते हैं।
    धूप वाले चूल्हे की बनावट बहुत सरल होती है। इसमें किसी तरह का एडवांस पुर्जा नहीं लगा होता है। ऐसे में यह सालों-साल बिना किसी खराबी के चलता है। आपको ज्यादा से ज्यादा से बस इसके शीशे और अंदरूनी हिस्सों को साफ रखना होता है।

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जानें कैसे इस्तेमाल होता है धूप वाला चूल्हा
सोलर चूल्हे को इस्तेमाल करने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसे ऐसी जगह रखकर इस्तेमाल करना चाहिए, जहां कम से कम 3 से 4 घंटे की सीधी और तेज धूप आती हो जैसे कि आपकी छत या बालकनी।

खाना पकाने के लिए हमेशा काले रंग के बर्तनों का इस्तेमाल करें, क्योंकि काला रंग गर्मी को सबसे तेजी से खींचता है। सोलर चूल्हा गैस वाले चूल्हे के मुकाबले थोड़ा धीमा होता है, इसलिए सुबह 10-11 बजे बर्तन धूप में रखने पर दोपहर तक खाना अपने आप तैयार हो जाता है।