जांजगीर जिला के पामगढ़ जनपद में एक ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव पर वित्तीय अनियमितता का गंभीर आरोप लगाया गया है | उन्होंने आरोप लगाया है की उनके द्वारा बिना कोरम के लाखों रुपए निकल लिए और खर्च भी कर दिया। इसकी जानकारी पंचों को ही नहीं है। इसकी शिकायत पंचों ने जनदर्शन में पहुंचकर कलेक्टर से की है। कलेक्टर ने अग्रिम कार्यवाही के लिए पामगढ़ एसडीएम को प्रेषित किया है| पूरा मामला पामगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत कुटराबोड़ का है।
शिकायत के अनुसार ग्राम पंचायत कुटराबोड़ में पंचायत निधि की राशि में अनियमित की गई है| सरपंच पुष्कर दिनकर और सचिव पर पंचों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने पंचायत के निर्वाचित पंचों की सहमति के बिना और कोरमा पूर्ण किए बिना ही विभिन्न विकास कार्यों के लिए लाखों रुपए की राशि निकाली गई और उन्हें खर्च कर लिया। जब इसकी जानकारी पंचों को हुई तो उन्होंने मंगलवार को आयोजित जन्म दर्शन कार्यक्रम में पहुंचे और इसकी शिकायत कलेक्टर से किया।
ग्राम पंचायत की बैठकों में आवश्यक को कोरम पूरा किए बिना भी प्रस्ताव पारित किया गया | इतना ही नहीं पंचों की अनुमति के अभाव में वित्तीय स्वीकृति देकर शासकीय राशि का अहरण किया गया जो की पंचायत नियमों एवं प्रक्रियाओं का सीधा उल्लंघन है | यह मामला छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम 1993 की धारा 40 एवं 92 के अंतर्गत गंभीर विधि अनियमितता एवं शासकीय निधि के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है| जानकारों का कहना है कि कोरम पूर्ण किए बिना पारित सभी प्रस्ताव विधि अनुसार अवैध माना जाता है जिसमें पंचायत के नियमों की वैधता भी संदेह के घेरे में है।
ग्राम पंचायत कुटराबोड़ के पंचों ने प्रशासन को शिकायत पत्र सौंपते हुए विभिन्न मांग की है जिसमें पंचायत के सभी वित्तीय लेनदेन एवं विकास कार्यों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच, कैश बुक, मस्टर रोल, वाउचर, बैंक स्टेटमेंट की गहन जांच, अवैध प्रस्तावों को निरस्त घोषित करने की मांग दोषी पाए जाने पर सरपंच और सचिव पर कड़ी कानूनी कार्यवाही, पंचायत निधि से हुई हानि की वसूली, जांच पूर्ण होने तक वित्तीय अधिकारों का तत्काल निलंबन शामिल है।