स्मार्ट मीटर लगवाने के बाद 1 लाख 60 हजार रुपये बिजली बिल देखकर आया अटैक, चाय वाले की हुई मौत, कार्यालय के बाहर शव रखकर विरोध प्रदर्शन

इटावा में स्मार्ट मीटर लगने के तीन महीने बाद 1.60 लाख रुपये का बिजली बिल आने से चाय बेचने वाले महावीर की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए और कार्यालय के बाहर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया।

 

इटावा से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां महावीर नगर इलाके में रहने वाले 55 वर्षीय महावीर सिंह की मौत के बाद उनके परिवार में मातम छा गया है। परिवार का आरोप है कि बिजली के भारी भरकम बिल ने उनकी जिंदगी छीन ली।

 

बताया जा रहा है कि महावीर चाय बेचकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। तीन महीने पहले ही उनके घर में स्मार्ट मीटर लगाया गया था। लेकिन अचानक उनके नाम पर 1 लाख 60 हजार रुपये का बिजली बिल आ गया। इतना बड़ा बिल देखकर महावीर बेहद परेशान हो गए।

3 महीने पहले लगा था स्मार्ट मीटर

परिवार के मुताबिक महावीर सिंह ने करीब तीन महीने पहले अपने घर में स्मार्ट मीटर लगवाया था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक इतना बड़ा बिजली बिल आने से पूरा परिवार हैरान रह गया। परिजनों का कहना है कि उनके घर में न तो एसी है और न ही कूलर। ऐसे में 1.60 लाख रुपये का बिल कैसे आ गया, यह समझ से बाहर है।

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बिजली विभाग के चक्कर काटते रहे

परिवार का आरोप है कि बिल आने के बाद महावीर कई बार बिजली विभाग के दफ्तर गए। उन्होंने अधिकारियों से बिल ठीक कराने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। परिजनों का कहना है कि उनसे कथित तौर पर रिश्वत की मांग भी की गई। लगातार चक्कर लगाने और परेशानी के कारण महावीर काफी तनाव में रहने लगे थे।

तनाव के बीच आया हार्ट अटैक

परिवार का आरोप है कि इसी तनाव के बीच महावीर की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई। महावीर की मौत के बाद उनके घर में कोहराम मच गया। परिवार का कहना है कि अगर समय पर उनकी शिकायत सुनी जाती तो शायद आज महावीर जिंदा होते।

बिजली विभाग के दफ्तर के बाहर रखा शव

महावीर की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने Dakshinanchal Vidyut Vitran Nigam Limited के कार्यालय के बाहर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया।

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घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस भी पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की। बाद में जनप्रतिनिधियों के आने के बाद किसी तरह स्थिति को शांत कराया गया। परिवार का कहना है कि इस मामले में जिसकी भी गलती हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका आरोप है कि एक गलत बिजली बिल की वजह से उनके घर का सहारा चला गया।

अधिकारी बोले- तकनीकी गलती की जांच

मामले को लेकर बिजली विभाग के एसडीओ Dilip Sahu ने कहा कि बिल आने के पीछे तकनीकी कारण हो सकता है। फिलहाल पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।