बलौदाबाजार जिले में एक भयावह घटना सामने आई, जिसमें पति ने अपनी पत्नी पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की। घटना का कारण था पति का पत्नी के चरित्र पर संदेह। घटना के बाद पीड़िता ने किसी तरह अपनी जान बचाई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामला सिमगा थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने पुलिस सहायता केंद्र लिमतरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि 25 जनवरी को वह अपने माता-पिता के साथ मनकुदीप पिकनिक जाने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान पति रिषभ मसीह उर्फ बंटी ने उस पर शक जताया कि वह किसी अन्य व्यक्ति से मिलने जा रही है।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उस पर अश्लील गालियां दीं, जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की। इसके बाद हत्या की नीयत से पत्नी पर पेट्रोल डाला और माचिस जलाई। घटना के समय पीड़िता ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। पीड़िता ने कहा कि यदि वह समय रहते भागती, तो आरोपी उसे जिंदा जला देता। पीड़िता की शिकायत के आधार पर थाना सिमगा में अपराध क्रमांक 43/2026 दर्ज किया गया। इसमें धारा 296, 115(2), 351(3), 109 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में पुलिस सहायता केंद्र लिमतरा की टीम, जिसमें प्रभारी सउनि जगदीश सोनवीन, प्र.आर. राजेन्द्र नेताम, आर लीलाधर देववंशी और आर लक्ष्मी प्रसाद यादव शामिल थे, ने आरोपी की तलाश शुरू की। संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद 23 मार्च 2026 को रिषभ मसीह उर्फ बंटी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, रिषभ मसीह उर्फ बंटी सिमगा क्षेत्र का गुंडा-बदमाश है। आरोपी मूलतः गणेशपुर निवासी है और वर्तमान में विश्रामपुर में रह रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ने और महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफलता हासिल की। यह घटना घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उजागर करती है। बलौदाबाजार पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी तरह की हिंसा या शक के मामलों में तत्काल पुलिस सहायता ली जाए। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस तरह की घटनाओं से न केवल सामाजिक सुरक्षा खतरे में आती है बल्कि महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए भी गंभीर चेतावनी है।