रसोई में बड़ा हादसा टला, इंडक्शन चूल्हा बम की तरह फटा, कांच के टुकड़े उड़कर बिखरे

नरसिंहपुर

एलपीजी गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच वैकल्पिक साधन के रूप में उपयोग हो रहे इलेक्ट्रिक इंडक्शन अब खुद जोखिम का कारण बनने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार दोपहर जिला मुख्यालय से सटे ग्राम खैरीनाका में सामने आया, जहां खाना बनाते समय इंडक्शन अचानक तेज धमाके के साथ फट गया।

किचन में धमाका और बिखरा कांच

घटना के समय किचन में गृहिणी हेमा जाट अपने दो बच्चों के साथ मौजूद थीं। वह बेटे के स्कूल से लौटने के बाद उसके लिए इंडक्शन पर खिचड़ी बना रही थीं। जैसे ही उन्होंने बर्तन उतारने की कोशिश की, इंडक्शन में तेज धमाका हो गया और उसका कांच चकनाचूर होकर पूरे किचन में फैल गया। कांच के टुकड़े पास में रखे दूध और खिचड़ी में भी जा गिरे, जिन्हें तुरंत फेंक दिया गया। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

वारंटी के बावजूद 6 माह में हादसा

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हेमा जाट ने बताया कि जब उन्होंने यह इंडक्शन खरीदा था, तब कंपनी द्वारा 3 साल की वारंटी दी गई थी, लेकिन महज 6 माह के भीतर ही यह इस तरह फट गया। उन्होंने बताया कि एलपीजी गैस की समस्या के कारण वे मजबूरी में इंडक्शन पर खाना बना रही थीं।

जब से गैस सिलिंडर की उपलब्धता में परेशानी आ रही है, तब से अनेक लोग इंडक्शन जैसे उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं लोगों को सतर्क रहने की जरूरत का संकेत दे रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार विद्युत उपकरणों के उपयोग में सही वोल्टेज, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और नियमित जांच जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।