इधर बातचीत उधर 10 हजार सैनिक तैयार, क्या अमेरिका ईरान को बना रहा है बेवकूफ? डोनाल्ड ट्रंप का डबल गेम

तेहरान
 ईरान-अमेरिका के बीच जंग चल रही है. इसी बीच अब अमेरिका की रणनीति सवालों के घेरे में आ गई है. एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे हैं कि ईरान के साथ बातचीत ‘बहुत अच्छी’ चल रही है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका चुपचाप जमीनी युद्ध की तैयारी भी तेज कर रहा है. यानी अमेरिका ईरान के साथ डबल गेम खेलने में लगा है. एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि, व्हाइट हाउस और पेंटागन मिडिल ईस्ट में कम से कम 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने पर विचार कर रहे हैं. अगर यह फैसला होता है, तो यह सीधे संकेत होगा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े जमीनी ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है. पहले यह खबर आई थी कि अमेरिका खर्ग आइलैंड पर अटैक की तैयारी में है। 

एक तरफ बातचीत, दूसरी तरफ धमकी
सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह सैन्य तैयारी ऐसे समय पर हो रही है जब ट्रंप ने ईरान को 10 दिन की मोहलत दी है और ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोक दिए हैं. ट्रंप का कहना है कि बातचीत जारी है और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है. दरअसल, अमेरिका ने पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये के जरिए ईरान को बातचीत के लिए 15 पॉइंट का प्रस्ताव भेजा था. इसमें जंग खत्म करने के लिए कई शर्तें रखी गई हैं. अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान बातचीत में दिलचस्पी दिखा रहा है, लेकिन अब तक उसने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. वहीं ईरान ने कहा है कि वह इनमें से किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं है। 

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फाइनल हमले की तैयारी कर रहा अमेरिका?
लेकिन इसी बीच पेंटागन की तैयारियां कुछ और कहानी बता रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ‘फाइनल ब्लो’ यानी आखिरी बड़े हमले की योजना भी तैयार कर रहा है, जिसमें जमीनी सेना और बड़े स्तर पर बमबारी शामिल हो सकती है. इतना ही नहीं, आने वाले दिनों में और भी सैनिक, फाइटर जेट स्क्वाड्रन और मरीन यूनिट्स मिडिल ईस्ट भेजे जाने वाले हैं. 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिकों को भी तैनाती के लिए तैयार रखा गया है. यही वजह है कि ईरान को इस पूरे डिप्लोमैटिक प्रोसेस पर शक हो रहा है. ईरान को डर है कि अमेरिका बातचीत का इस्तेमाल सिर्फ समय बर्बाद करने के लिए कर रहा है ताकि सैन्य तैयारी मजबूत की जा सके।