रायपुर.
रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह द्वारा लिखित, निर्देशित और अभिनीत बहुप्रतीक्षित शॉर्ट फिल्म “ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर” का गत दिवस विमोचन हुआ। जशपुर के विशिष्ट कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय मौजूद थीं।
साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी व सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों पर जागरूक करने वाली फिल्म में एसएसपी शशि मोहन सिंह स्वयं पीड़ित स्कूल टीचर की भूमिका में नजर आएंगे। वहीं उनके साथ फिल्म में रायपुर, दुर्ग, कोरबा, जशपुर के स्थानीय कलाकारों के साथ कई चर्चित चेहरे नजर आएंगे। तकनीकी युग में जहां डिजिटल सुविधाएं जीवन को आसान बना रही हैं, वहीं साइबर अपराधी भी इन्हीं तकनीकों का दुरुपयोग कर लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। वर्तमान समय में डिजिटल फ्रॉड, ऑनलाइन बैंक धोखाधड़ी और विशेष रूप से स्कैम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बढ़ते साइबर अपराधों को ध्यान में रखते हुए एसएसपी रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने यह महत्वपूर्ण पहल की है।
बता दें कि यह फिल्म Take 3 Studios द्वारा निर्मित की जा रही है। फिल्म में सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, ऑनलाइन गेम्स, केवाईसी अपडेट, फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन, स्क्रीन शेयरिंग ऐप और संदिग्ध लिंक के जरिए होने वाली ठगी की घटनाओं को प्रभावी तरीके से दिखाया गया है।
फिल्म में जशपुर एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के स्थानीय कलाकारों ने अभिनय किया है, जिससे यह परियोजना स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बन गई है। फिल्म के DOP (छायांकनकर्ता) अनुज कुमार हैं। अभिनेता के रूप में एसएसपी रायगढ़ शशि मोहन सिंह, सुआरवी सिन्हा, दीपा महंत, राम प्रकाश पाण्डेय, ऋभु समर्थ सिंह, कुंदन सिंह, प्रवीण अग्रवाल, विजय सिंह राजपूत, अंकित पांडे, आकर्ष, मनीषा, वंशिका गुप्ता सहित अन्य कलाकार शामिल हैं।
फिल्म की स्टोरी शशि मोहन सिंह द्वारा लिखी गई है। स्क्रीनप्ले तोरण राजपूत एवं संवाद घनश्याम द्वारा लिखे गए हैं। कैमरा सहायक के रूप में परमेश्वर नाग, मेकअप आर्टिस्ट वर्षा सोनी एवं सहायक सुचिता भगत सम्मिलित हैं। फिल्म के विमोचन पर एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह ने कहा है कि डिजिटल फ्रॉड को लेकर छत्तीसगढ़ पुलिस लगातार कानूनी कार्रवाई कर रही है। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इस फिल्म का निर्माण किया गया है। फिल्म में स्थानीय कलाकारों को भी प्राथमिकता दी गई है, ताकि समाज को जागरूक करने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच भी मिल सके।