मंत्री टेटवाल ने विजेताओं को दी बधाई, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीत के लिए दी शुभकामनाएं

भोपाल. 
कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल के नेतृत्व और मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के आईटीआई एवं कौशल प्रशिक्षण संस्थानों से तैयार हो रही युवा प्रतिभाएं अब देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रही हैं। इंडिया स्किल्स 2025-26 के विभिन्न चरणों में प्रदेश के प्रतिभागियों द्वारा किया गया प्रदर्शन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है।

पश्चिम क्षेत्रीय प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के 104 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और 44 पदक अर्जित किए। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर 26 प्रतिभागियों ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए स्थान सुनिश्चित किया।

राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश के प्रतिभागियों ने कुल 8 पदक हासिल किए, जिनमें ब्रिकलेइंग में अजय अहिरवार द्वारा स्वर्ण पदक प्राप्त किया गया। कैबिनेट मेकिंग में विनीत शर्मा और विजुअल मर्चेंडाइजिंग में रानू पाटीदार ने कांस्य पदक अर्जित किए। इसके अतिरिक्त सीएनसी टर्निंग में अंकित प्रजापति, फ्लोरिस्ट्री में पूर्वी चौहान और आयुष इवाने, पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग में लक्ष्मी कुशवाह तथा वेल्डिंग में कुलदीप ने ‘मेडलियन फॉर एक्सीलेंस’ प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया।

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इन उपलब्धियों में आईटीआई संस्थानों के साथ-साथ ग्लोबल स्किल पार्क के प्रतिभागियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही, जो प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण ढांचे की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है।

विशेष रूप से, ब्रिकलेइंग में स्वर्ण पदक विजेता तथा संबंधित श्रेणियों के पदक विजेताओं ने शंघाई, चीन में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भी क्वालिफाई किया है, जो मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

मंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास को नई दिशा देने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आईटीआई के विद्यार्थी केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि मध्यप्रदेश के युवा अब कौशल के क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं और आने वाले समय में राज्य को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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प्रदेश में इस प्रतियोगिता के लिये कुल 13 हजार 844 पंजीयन हुए। जिला स्तर पर 5 हजार 337 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 3,415 प्रतिभागी चयनित होकर आगे बढ़े और 1 हजार 866 प्रतिभागियों ने राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह आंकड़े प्रदेश में कौशल विकास के प्रति बढ़ती जागरूकता और भागीदारी को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।