जया बच्चन और पैपराजी का रिश्ता क्यों रहता है तनावपूर्ण?

बॉलीवुड सेलेब्स का पैपराजी से अलग ही नाता है. कोई इनके कैमरा में कैद होने के लिए टिप्स देता है, कोई खूब पोज करता है, तो कोई इग्नोर करके चला जाता है. वहीं जया बच्चन जब भी पैप्स को देखती हैं, गुस्सा हो जाती हैं. आखिर ऐसा क्यों होता है, जबकि बच्चन परिवार के बाकी सदस्य-ऐश्वर्या, अभिषेक आराम से पोज देते हैं या फिर चुपचाप निकल जाते हैं. इसका जवाब हाल ही में मिला.

जया को पैप कल्चर समझने में दिक्कत
बॉलीवुड के पैप अकाउंट होल्डर ने हाल ही में बच्चन परिवार और मीडिया के रिश्ते को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय पैप्स के साथ काफी अच्छे और फ्रेंडली हैं, जबकि अमिताभ बच्चन रिस्पेक्टफुल तो रहते हैं, लेकिन थोड़ा दूरी बनाए रखते हैं. वहीं जया आज भी इस नए तरह के मीडिया को पूरी तरह समझ नहीं पाई हैं.

उन्होंने बताया कि अभिषेक और ऐश्वर्या पैपराजी को अच्छे से समझते हैं और उनसे घुल-मिल जाते हैं. अमिताभ बच्चन भी उन्हें जानते हैं, लेकिन ज्यादा बातचीत नहीं करते. लेकिन जया बच्चन अभी भी पुराने समय के मीडिया (जैसे अखबार और पत्रकार) वाली सोच में हैं, इसलिए उन्हें ये नया पैप कल्चर थोड़ा अजीब लगता है.

See also  Box Office Prediction Day 1: जानिए कितने करोड़ कमा सकती हैं पल पल दिल के पास, प्रस्थानम और द ज़ोया फैक्टर

शुरुआत में तो जया बच्चन पूछती थीं कि ये लोग कौन हैं और उनकी फोटो क्यों ले रहे हैं. अब वो धीरे-धीरे इसकी आदत डाल रही हैं, लेकिन उनकी एक शर्त रहती है- कोई उनके बहुत करीब आकर फोटो न ले. वो कहती हैं कि एक जगह खड़े रहो, मैं आकर पोज दे दूंगी, लेकिन चलते-चलते फोटो मत लो. अगर कोई गलत एंगल से फोटो लेता है, तो वो नाराज भी हो जाती हैं.

इवेंट में दिए बयान पर हुआ था विवाद
कुछ समय पहले मुंबई में हुए वी द वुमन इवेंट में जया बच्चन ने पैपराजी को लेकर काफी सख्त टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि ये लोग कौन हैं, क्या ये देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए ट्रेन किए गए हैं? सिर्फ मोबाइल हाथ में लेकर कोई भी फोटो खींचने लगता है और मनचाही बातें करता है- ये सही नहीं है. उनके इस बयान के बाद पैप कम्यूनिटी में नाराजगी फैल गई और कई लोगों ने बच्चन परिवार के बायकॉट तक की बात भी कही थी.

See also  अमेरिकी सिंगर मारिया कैरी की मां और बहन की एक ही दिन मौत, सदमे में सिंगर

इस पर पैपराजी ने कहा कि उन्हें भी समझ नहीं आया कि जया बच्चन ने ऐसा क्यों कहा, शायद उस समय उनका मूड ठीक नहीं था. हालांकि बाकियों ने इस बयान को दुखद बताया था. उन्होंने बताया कि हर रविवार अमिताभ बच्चन अपने घर के बाहर फैंस से मिलते हैं और उस कवरेज में पैप्स का बड़ा योगदान होता है, ना कि बड़े मीडिया हाउस का.

उन्होंने ये भी कहा कि ये भी एक तरह का मीडिया ही है. सोशल मीडिया, जो आज के समय में बहुत तेजी से लोगों तक पहुंचता है. इसलिए किसी के पहनावे या काम के आधार पर उन्हें जज करना सही नहीं है.