खुद बेज़ा कब्जा कर दूसरों को हटाने दुल्हे के भेष में पहुंचा कलेक्टोरेट, जाँच के बाद पहले इसकी फिर 12 लोगों को निर्माण पर चला बुलडोजर

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में कलेक्टर जनसुनवाई के दौरान उस वक्त अधिकारी और आम जनता हैरान रह गए, जब गले में फूलों की माला और शरीर पर हल्दी लगाए एक दूल्हा अपनी गुहार लेकर पहुंचा. दूल्हे का अंदाज ऐसा था कि पहली नजर में सबको उससे सहानुभूति हो गई, लेकिन जब प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच की, तो पूरा सच बुलडोजर की कार्रवाई में बदल गया. ग्राम अम्बामोलिया निवासी उमेश गंगोलिया अपनी शादी की रस्मों के बीच सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंच गया.

उसने कलेक्टर शिवम वर्मा के सामने दुखड़ा रोते हुए कहा, “साहब, मेरे घर के सामने दबंगों ने नाले और रास्ते पर अतिक्रमण कर रखा है. गंदगी इतनी है कि मैं दुल्हन कैसे लेकर आऊंगा? मुझे धमकाया जा रहा है, कृपया मेरी मदद करें.”

शादी के माहौल और दूल्हे की हालत को देखते हुए कलेक्टर ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई और एसडीएम प्रियंका चौरसिया को मौके पर जाकर जांच करने और कार्रवाई के निर्देश दिए।

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जांच में खुला कब्जे का खेल

जब प्रशासन की टीम दल-बल के साथ गांव पहुंची, तो नजारा कुछ और ही था. जांच के दौरान पता चला कि जिस नाले और रास्ते पर दूल्हा दूसरों के अतिक्रमण की शिकायत कर रहा था, उसी नाले पर 3×30 फीट का अवैध कब्जा खुद दूल्हे उमेश ने ही कर रखा था.

इतना ही नहीं, दूल्हे की शिकायत की आड़ में जब पूरी गली की पैमाइश हुई, तो गांव के 12 अन्य लोगों के भी अवैध निर्माण सामने आए. यह नाला गांव और खेतों के पानी की निकासी का मुख्य मार्ग था, जिसे अतिक्रमण के कारण बंद कर दिया गया था.

बुलडोजर चला और साफ हुआ रास्ता

सच्चाई सामने आते ही प्रशासन ने बिना देरी किए सख्त रुख अपनाया. जिस दूल्हे ने सोचा था कि वह शादी का हवाला देकर दूसरों को हटवा देगा, प्रशासन ने सबसे पहले उसी का अतिक्रमण ढहा दिया. इसके साथ ही अन्य 12 लोगों के अवैध निर्माणों पर भी बुलडोजर चलाकर नाले को मुक्त कराया गया.

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प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से गांव के अन्य लोग बेहद खुश हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी बाधित होने से वे लंबे समय से परेशान थे. अब रास्ता साफ होने के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है.