बच्चों के अपहरण मामले में बड़ा खुलासा, आर्थिक नुकसान के बाद रची गई साजिश; चार आरोपी गिरफ्तार

इंदौर 

 इंदौर में दो बच्चों के अपहरण के मामले ने कुछ घंटे के लिए परिजन और पुलिस-प्रशासन को संकट में डाल दिया था। बच्चों के अपहरण की खबर पूरे शहर में फैलते ही हड़कंप मच गया। हालांकि, इस पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महज पांच घंटे में ही बच्चों को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सकुल छुड़ाकर परिजनों को सौंप दिया है। इसके बाद परिजनों ने राहत का सांस ली। 

 पुलिस ने लाला राम नगर के बगीचे से बच्चों का अपहरण करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनका नाम राधिका प्रजापति, तनिषा सेन, ललित सेन और विनीत प्रजापति हैं। राधिका और विनीत भाई बहन हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कर्ज लेकर शेयर बाजार में पैसा लगाया था। शेयर में नुकसान होने के कारण उन्होंने अपहरण की प्लानिंग की थी। वे दो दिन से बच्चों की रेकी कर रहे थे। दो दिन पहले बगीचे के फ्लैट पर वे एक बच्चे को ले कर गए थे।  

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कैब बुक कर ले गई थी बच्चों को युवती
गार्डन से दोनों बच्चों का अपहरण करने के बाद युवती ने एक कैब बुक की और फिर उन्हें राजेंद्र नगर क्षेत्र के एक फ्लैट में लेकर गई थी। दोनों बच्चों को अहसास हो चुका था कि उनके साथ कोई घटना हुई है। इसके बाद युवती ने उनके वीडियो लेना शुरू कर दिए। रात को दोनों बच्चों को भूख लगने लगी तो युवती ने दूध की सिंवैया खिलाई थी। हालांकि बच्चों ने पहले युवति से खाने के लिए कहा था।  फिर युवती ने पहले खुद सिंवैया चखी फिर दोनों बच्चों को दी। 

25 पुलिसकर्मियों की टीम लगाई थी
थाना पलासिया क्षेत्र से लापता हुए दो मासूम बच्चों के अपहरण मामले का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बच्चों को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। 23 अप्रैल की रात करीब 8:45 बजे पुलिस को सूचना मिली कि दो बच्चे अचानक लापता हो गए हैं। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक संदिग्ध महिला बच्चों को अपने साथ ले जाती नजर आई। आरोपी महिला ने बच्चों को चिप्स, चॉकलेट और अन्य चीजों का लालच देकर अपने साथ कार में बैठाया था। 

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तत्काल अपराध दर्जकर 10 विशेष टीमें गठित की गई
इस दौरान परिजनों को फोन कर आरोपियों ने बच्चों को छोड़ने के बदले 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी और रात 11 बजे तक रकम नहीं देने पर हत्या की धमकी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्जकर 10 विशेष टीमें गठित की और 25 पुलिसकर्मियों को लेकर अलग-अलग टीमें बनाई। पुलिस टीम दत्ता नगर स्थित शिवांश अपार्टमेंट पहुंची, जहां एक फ्लैट में दबिश देकर बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।