बंगाल में ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा ने 2027 चुनावों की तैयारी तेज की, यूपी पर खास फोकस

नई दिल्ली

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे भी नहीं आए थे और भारतीय जनता पार्टी ने साल 2027 में होने वाले चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी थीं। इसके संकेत भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई पार्टी दिग्गजों के दौरों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों से मिल रहे हैं। बंगाल में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। वहीं, अगले साल उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर, उत्तराखंड, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने हैं। भाजपा को यूपी में भी असम की तरह हैट्रिक की उम्मीद है।

UP में जुटे भाजपा के टॉप नेता
29 अप्रैल को बंगाल में दूसरे चरण का मतदान हुआ है। इससे एक दिन पहले ही भाजपा चीफ और पीएम मोदी 28 अप्रैल को उत्तर प्रदेश पहुंच गए थे। वहीं, जब पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने दल बदल किया, तो बंगाल में चुनावी ड्यूटी निभा रहे कई भाजपा नेता दिल्ली पहुंच गए थे।

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बंगाल के नतीजों के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक का विरोध की कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों को कड़ी सजा मिली है। उन्होंने दावा किया कि सपा को भी जल्द ही महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। उनका इशारा उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की ओर था

क्यों अहम है उत्तर प्रदेश
साल 2014 में जब भाजपा ने कुल 282 लोकसभा सीटें जीती थीं, तो इसमें यूपी की 71 सीटें भी शामिल थीं। खास बात है कि 80 सीटों वाला यूपी लोकसभा सीटों के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य है। वहीं, 2024 के चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा था और पार्टी घटकर महज 33 सीटों पर आ गई थी। इससे पहले 2019 में भाजपा को यूपी में 62 लोकसभा सीटें मिली थीं।

एक ओर जहां समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव PDA यानी पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं। वहीं, भाजपा गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वर्गों को वापस जोड़ने की कोशिश कर रही है जो लोकसभा चुनाव में उनसे छिटक गए थे। अब बीजेपी अपने पुराने वोट बैंक को फिर से हासिल करने के लिए कई बड़े कदम उठा सकती है ताकि यादव और जाटव वोटों के अलावा अन्य जातियों में अपनी पकड़ फिर से बनाई जा सके।

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बंगाल का जीत बनेगी भाजपा का इंश्योरेंस
बंगाल में जीत के साथ ही भाजपा ने उत्तर और पश्चिम की तरह पूर्व में भी मजबूती हासिल कर ली है। हालांकि, दक्षिण में कर्नाटक को छोड़ दिया जाए, तो भाजपा को लोकसभा में खास समर्थन नहीं मिलता है। साथ ही बंगाल की जीत को भाजपा इंश्योरेंस की तरह भी देख सकती है, जहां अगर उसे किसी मजबूत राज्य में लोकसभा चुनाव में झटका लगता है, तो बंगाल से भरपाई की जा सके। यहां कुल 42 लोकसभा सीटें हैं।

पंजाब पर भी नजरें
कहा जा रहा है कि पंजाब को हमेशा से प्रधानमंत्री मोदी सरकार चुनावी रूप से अहम मानती रही है। सिख बहुल राज्य में भाजपा लगातार समुदाय को अपनी ओर लाने के प्रयास करती रही है। वही, दल सत्तारूढ़ आप को भी कुर्सी से बेदखल करने की कोशिश में है। 7 राज्यसभा सांसदों का आना भाजपा को कुछ हद तक चुनावी रूप से मददगार साबित हो सकता है।

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चुनाव के नतीजे
बंगाल में भाजपा ने ऐतिहासिक 206 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, असम में शतक लगाकर चुनावी जीत की हैट्रिक पूरी की। इधर, केरल में भी भाजपा की सीटों का ग्राफ बढ़ा है। जबकि, तमिलनाडु में एक्टर विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनी। पुडुचेरी में एनडीए ने जीत हासिल की।