तमिलनाडु में सरकार बनाने की ओर विजय का बड़ा कदम, राज्यपाल से मिल पेश किया दावा

तमिलनाडु 

TVK प्रमुख विजय ने गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की और तमिलनाडु में सरकार बनाने का दावा पेश किया है। तीन दिनों में विजय की राज्यपाल से यह तीसरी मुलाकात है। पहले दो बार में राज्यपाल ने विजय को जरूरी बहुमत का आंकड़ा लाने के लिए कहा था। पहले सिर्फ कांग्रेस ने विजय को समर्थन दिया था। अब सीपीआई, सीपीआईएम, वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने विजय की टीवीके का समर्थन करने का फैसला किया है। इसके बाद, विजय के पास 120 की संख्या हो गई है।

तमिलनाडु में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल दोनों वामपंथी दलों- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने कहा कि यह (समर्थन देने का) निर्णय भाजपा को राज्य में पिछले दरवाजे से प्रवेश करने से रोकने के लिए लिया गया है। हालांकि, राज्य के अधिकारों के मामले में वे (वाम दल) डीएमके के साथ बने रहेंगे। वाम दलों ने घोषणा की कि वे टीवीके मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बनेंगे।

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दोनों के दो-दो विधायक हैं। उन्होंने दिनभर की चर्चा के बाद अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी को अपना समर्थन देने की घोषणा की। उनके समर्थन के साथ, टीवीके प्रमुख ने बाद में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की और सरकार बनाने के अपने दावे को दोहराया। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की 108 सीटें हैं, लेकिन यह बहुमत के आंकड़े से 10 कम है।

टीवीके ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के सहयोगी वामदलों, और विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) से संपर्क किया था तथा 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद सरकार बनाने के लिए उनका समर्थन मांगा था। सीपीआई, सीपीआईएम और वीसीके, प्रत्येक के दो-दो विधायक हैं। वाम दलों ने राज्यपाल को संबोधित पत्र में टीवीके को अपना समर्थन देने की जानकारी दी। पांच विधायकों वाली कांग्रेस ने पहले ही टीवीके को समर्थन दे दिया है।

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विधानसभा चुनावों में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, पार्टी संस्थापक विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक को छोड़ना होगा। विजय को चेन्नई के पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व सीटों में से एक को छोड़ना पड़ेगा।