उत्तर प्रदेश में बिजली नीति पलटी, प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना वापस, अब फिर पोस्टपेड सिस्टम लागू

लखनऊ

उत्तर प्रदेश सरकार ने काफी हंगामा मचने के बाद अब प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर को वापस लेना शुरू कर दिया है। सरकार ने सभी वितरण कंपनियों को प्रदेश भर में लाखों उपभोक्ताओं के लिए पोस्टपेड बिल मॉडल बहाल करने की निर्देश दिया है।

सरकार ने यह फैसला अनिवार्य प्रीपेड रिचार्ज, अचानक कनेक्शन काटने और प्रीपेड स्मार्ट मीटर से जुड़ी कथित बिलिंग अनियमितताओं को लेकर उपभोक्ताओं, व्यापारियों और किसान समूहों के महीनों के विरोध प्रदर्शन और शिकायतों के बाद लिया है।

सरकार का यह कदम उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख वितरण निगमों- पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगमों, साथ ही आरडीएसएस के तहत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटरों पर लागू होता है।
उपभोक्ताओं के लिए अब क्या?

रिचार्ज करने की जरूरत नहीं
सरकार के इस कदम से अब उपभोक्ताओं को अपने बैलेंस को पहले से रिचार्ज करने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय उन्होंने जितनी बिजली खर्च की, उसका हर माह बिल आएगा, बिल्कुल पहले की तरह। यानी आपने मई में बिजली खर्च की है तो आपको बिल जून में देना होगा।

See also  यूपी में मत्स्य कारोबार को मिलेगा बड़ा बूस्ट, गोरखपुर-मुरादाबाद में बनेंगी आधुनिक फिश मंडियां

बिलिंग कैसे होगी?
नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट मीटर के बिल हर माह 10 तारीख तक तैयार किए जाएंगे और यह एसएमएस और व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजे जाएंगे। उपभोक्ता आधिकारिक व्हाट्सऐप चैटबोट और 1912 बिजली हेल्पलाइन के माध्यम से भी बिल देख सकेंगे।

जिन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी के दिक्कत है और जहां महीने की पांच तारीख तक ऑटोमैटिक रीडिंग नहीं मिलती, वहीं मीटर रीडिंग एजेंसियां बिलिंग प्रक्रिया पूरी करने के लिए मैन्युअल रीडिंग करेंगी।

कैसे काम करेगी नई भुगतान प्रणाली?
सरकार ने बताया कि उपभोक्ताओं को बिल जारी होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर भुगतान करना होगा। अगर बिल जमा नहीं किया तो सात दिन के भीतर बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद बकाया बिल पर विलंब शुल्क यानी लेट फीस भी लगेगी।

बकाया राशि का निपटान
ब्याज दरों में छूट के साथ-साथ बकाया राशि में राहत की घोषणा की है। घरेलु उपभोक्ताओं को चार किस्तों में राशि चुकाने की अनुमति दी जाएगी।

See also  दिल्ली में पारा 2.9°C, अगले 3 दिन सर्दी का कहर जारी, IMD का अलर्ट

उत्तर प्रदेश विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा, “जब पोस्टपेड उपभोक्ताओं को प्रीपेड में बदला गया, तो उनकी पिछली सुरक्षा राशि बिल में जोड़ दी गई। 6 मई के आदेश के अनुसार, उपभोक्ताओं से मौजूदा लागत मानदंडों के अनुसार नई सुरक्षा जमा राशि जमा करने की अपेक्षा की गई थी। हालांकि, हमने इसका कड़ा विरोध किया क्योंकि इससे उपभोक्ता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “अब यूपीपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि ली गई सुरक्षा राशि पहले की गणनाओं पर आधारित होगी और किश्तों में वसूल की जाएगी।”

15 मई से लगेगा विशेष शिविर
शिकायतों के निवारण के लिए यूपीपीसीएल ने सभी डिस्कॉम को 15 मई से 30 जून के बीच कार्यकारी अभियंता और उपखंड कार्यालयों में विशेष स्मार्ट मीटर शिकायत शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि इन शिविरों में बिल संबंधी विवाद, मोबाइल नंबर में सुधार, मीटर रीडिंग संबंधी शिकायतें, स्मार्ट मीटर में परिवर्तन से संबंधित मुद्दे और खाता मिलान जैसे मामलों को निपटाया जाएगा।

See also  15 मई से पहले बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, रोजाना 1000 करोड़ का नुकसान