जांजगीर जिला के पामगढ़ में हुए नरसंहार का राज खुल गया है। दरअसल पैतृक संपत्ति के विवाद में पुत्र ने ही अपने माता-पिता और भतीजा-भतीजी की कुल्हाड़ी से वारकर बेरहमी से हत्या की है। थाना में सूचना देने के दौरान ही आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र दोनो को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
ग्राम भवतरा निवासी मेदनी प्रसाद कश्यप, शांति बाई पीतांबर कश्यप और कुमारी मोगरा की रात को कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतर गया था। रात में घटना को अंजाम देने के बाद वह अपने घर चले गए थे| सुबह जब मिस्त्री घर पहुंचा तो मांजरा देखकर हन्क्काबक्का रह गया| उसने तत्काल इसकी सूचना सरपंच को दी| सरपंच ने कोटवार के माध्यम से मृतक के बेटे सोना साय कश्यप को बुलाया और थाना में फोन से सूचना दी | सरपंच ने मृतक के बेटे को अपनी बाइक देकर थाना में सूचना देने को भेजा | रहौद चौकी पहुँचने के बाद बेटे सोना साय ने घटना की जानकरी देने के साथ-साथ उसने ही हत्या को अंजाम देने की बात कही| जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और मौके पर दल बल रवाना किया|
आरोपी सोना साय के अनुसार पूरा मामला पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा हुआ है। पैतृक संपत्ति को लेकर लंबे समय से परिवार में तनाव चल रहा था, जो धीरे-धीरे गंभीर विवाद में बदल गया और इसी के चलते हत्या की यह वारदात सामने आई। जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि मुख्य आरोपी सोना साय कश्यप का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है। बताया जा रहा है कि उसने पूर्व में अपने ही बड़े भाई की हत्या की थी, जिसके चलते वह लगभग 15 साल तक जेल में रहा। हाल ही में सजा पूरी होने के बाद वह रिहा होकर गांव लौटा था।
गांव लौटने के बाद भी पारिवारिक विवाद शांत नहीं हुआ और संपत्ति बंटवारे को लेकर लगातार विवाद की स्थिति बनी रही। मृतक की शिकायत के बाद शिवरीनारायण पुलिस ने आरोपी सोना साय कश्यप के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी, लेकिन इसके बावजूद मामला शांत नहीं हो सका। इसी विवाद के चलते आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। अब इस घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने हत्या के मामले में बेटे सोना सहाय कश्यप और उसके बेटे गोलू को विरासत में ले लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 14 मई 2026 की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम भवतरा में अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही थाना शिवरीनारायण पुलिस, एफएसएल टीम एवं डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।
जांच के दौरान पुलिस एवं साइबर टीम ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर मृतक मेदनीराम कश्यप के पुत्र सोनसाय कश्यप और उसके बेटे गोलू कश्यप से पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने पारिवारिक जमीन विवाद को लेकर हत्या करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सोनसाय कश्यप पूर्व में वर्ष 2009 में अपने सगे छोटे भाई पुनाउराम की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट चुका है और करीब दो वर्ष पूर्व जेल से रिहा होकर आया था। जेल से लौटने के बाद से ही उसका अपने पिता मेदनीराम कश्यप से जमीन को लेकर विवाद चलता रहता था। मृतक की रिपोर्ट पर पूर्व में आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई थी।
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