भीषण गर्मी में बिजली संकट पर सीएम योगी सख्त, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

लखनऊ

यूपी में भीषण गर्मी में बिजली संकट और राजधानी लखनऊ से लेकर छोटे जिलों तक मचे हाहाकार को देखते हुए सीएम योगी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। सीएम योगी ने रविवार को बिजली अधिकारियों को तलब कर आपूर्ति से लेकर वितरण तक की स्थिति जानी। अलग-अलग इलाकों के बारे में विश्लेषण किया और व्यवस्था सुधारने के लिए कई निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली संकट का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी स्तरों पर सतत मॉनिटरिंग की जाए। फीडर वाइज मॉनिटरिंग करें और जवाबदेही भी तय करें। बैठक में ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत के साथ ही ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन व सभी डिस्कॉम भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता को और सुदृढ़ बनाने और गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए उत्पादन इकाइयों की अधिकतम क्षमता का उपयोग किया जाए और सभी संयंत्रों में तकनीकी दक्षता और रखरखाव व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

See also  हैदराबाद में एमईएआई 'माइनिंग 4.0' राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ

ट्रांसमिशन नेटवर्क को करें मजबूत
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए ट्रांसमिशन नेटवर्क को और अधिक मजबूत, आधुनिक एवं भरोसेमंद बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था की मजबूती के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली की दक्षता अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा को न्यूनतम रखने के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़कर 13,388 मेगावाट हो गई है। इसमें अनपरा, ओबरा, हरदुआगंज, परीछा, जवाहरपुर और पनकी जैसे तापीय विद्युत गृहों की 9,120 मेगावाट क्षमता शामिल है, जबकि जल विद्युत परियोजनाओं से 526.4 मेगावाट क्षमता उपलब्ध है।

इसके अलावा मेजा, घाटमपुर और खुर्जा परियोजनाओं से संयुक्त उपक्रमों के माध्यम से 3,742 मेगावाट क्षमता राज्य को प्राप्त हो रही है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2026 तक उत्पादन निगम की स्थापित क्षमता में 86 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा गैर पारंपरिक ऊर्जा विकल्पों से लगभग 10 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन हो रहा है।

See also  अंबेडकरनगर में सीएम योगी ने कृषक दुर्घटना बीमा योजना के 11690 लाभार्थियों को 561 करोड़ की धनराशि की आवंटन

वितरण व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली वितरण व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह के साथ ही उपभोक्ता केंद्रित बनाया जाए। उन्होंने फीडर वाइज जवाबदेही तय करने के निर्देश देते हुए कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने, फीडर बाधित होने या शिकायत निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आंधी-तूफान और अत्यधिक तापमान जैसी परिस्थितियों के बावजूद त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रखा जाए।

बिजली खरीद और आपूर्ति प्रबंधन दुरुस्त करें
मुख्यमंत्री ने बढ़ती मांग के अनुसार बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी संभावित स्रोतों से खरीद और आपूर्ति प्रबंधन के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने भविष्य की मांग को देखते हुए दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति पर बनाने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने उपभोक्ता सेवाओं को और अधिक तकनीक आधारित तथा पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।
सही जानकारी उपभोक्ताओं को दें

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत को हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण कर व्यवस्था की पड़ताल करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में आमजन को समयबद्ध और सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर केवल समस्या दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को यह भी स्पष्ट रूप से बताया जाए कि समाधान कब तक होगा।

See also  जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग का बड़ा खुलासा: 5000 महिला आतंकी, फिदायीन ट्रेनिंग, मसूद अजहर ने लीक किया प्लान