वास्तु शास्त्र में सीढ़ियां क्यों मानी जाती हैं घर की ऊर्जा और तरक्की का केंद्र

अक्सर हम घर की सजावट में बाकी कमरों पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन सीढ़ियों को नजरअंदाज कर देते हैं. वास्तु शास्त्र में सीढ़ियां केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि घर की सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्तंभ मानी जाती हैं. घर की तरक्की, आर्थिक स्थिरता और सुख-शांति काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि आपकी सीढ़ियां वास्तु के नियमों के मुताबिक बनी हैं या नहीं.

अक्सर जानकारी के अभाव में लोग सीढ़ियों के नीचे की जगह को कबाड़ का अड्डा बना देते हैं, जिससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है वास्तु के सिद्धांतों को समझकर आप न केवल इन दोषों को दूर कर सकते हैं, बल्कि अपने घर को खुशहाली का केंद्र भी बना सकते हैं. आइए, जानते हैं सीढ़ियों से जुड़े वास्तु के वे नियम जो आपके घर की ऊर्जा को पूरी तरह बदल सकते हैं.

1. सीढ़ियों की दिशा का चुनाव (Placement)
दक्षिण-पश्चिम (South-west) कोना सीढ़ियों के लिए सबसे उत्तम है. यह घर में स्थिरता लाता है. अगर सिढ़ियां इस दिशा में हो तो उस घर में पैसों की कमी नहीं होती.

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दक्षिण (South) या पश्चिम (West) दिशा भी अच्छे विकल्प हैं.

क्या न करें: उत्तर-पूर्व (North-east) दिशा में सीढ़ियां कभी नहीं बननी चाहिए.  यह वास्तु के अनुसार घर की प्रगति और शांति के लिए हानिकारक माना गया है.

2. सीढ़ियों का डिजाइन और बनावट
घुमाव: सीढ़ियां हमेशा घड़ी की दिशा (Clockwise) में होनी चाहिए. यानी ऊपर जाते समय आप दाहिनी ओर मुड़ें.

संख्या का नियम: सीढ़ियों की कुल संख्या हमेशा विषम (Odd number) होनी चाहिए (जैसे 9, 11, 15, 17 वहैरह).

आरामदायक बनावट: सीढ़ियां बहुत खड़ी (steep) नहीं होनी चाहिए. सीढ़ी की ऊंचाई (Rise) 4 से 7.5 इंच के बीच हो. पैर रखने की चौड़ाई (Tread depth) 10 से 11.25 इंच के बीच होनी चाहिए.

3. रंग और रोशनी (Colors & Lighting)
रंग: सीढ़ियों के लिए हल्के और सौम्य रंगों (Neutral colors) का इस्तेमाल करें. जैसे सफेद, क्रीम, हल्का बेज या पेस्टल शेड्स. गहरे या भड़कीले रंगों से बचना चाहिए क्योंकि ये ऊर्जा में असंतुलन पैदा कर सकते हैं.

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रोशनी: सीढ़ियां कभी भी अंधेरे में नहीं होनी चाहिए. वहां पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए. अंधेरी सीढ़ियां वास्तु दोष का कारण बनती हैं.

4. सीढ़ियों के नीचे का स्थान (The area beneath the staircase)
क्या न रखें: इस जगह का उपयोग कबाड़, टूटे-फूटे सामान, या जूते-चप्पल रखने के लिए बिल्कुल न करें. वास्तु के अनुसार सीढ़ियों के नीचे कबाड़ या जूते-चप्पल रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का बहाव रुक जाता है, जिससे आर्थिक तंगी और बेवजह के खर्च बढ़ते हैं. यह जगह घर की तरक्की का रास्ता मानी जाती है, इसलिए वहां गंदगी जमा करने से घर में तनाव और क्लेश पैदा होता है, और बरकत में रुकावट आती है.

उपयोग: अगर आपको उस जगह का उपयोग करना ही है, तो उसे पूरी तरह व्यवस्थित रखें. आप वहां साफ-सुथरी कैबिनेट या स्टोरेज दराज बनवा सकते हैं, लेकिन उसे हमेशा बंद रखें.

सफाई: यह जगह हमेशा धूल-मिट्टी से मुक्त और साफ होनी चाहिए.

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5. हैंडरेल्स और रेलिंग (Handrails)
सीढ़ियों पर रेलिंग लगाने के लिए लकड़ी सबसे अच्छी मानी जाती है. पत्थर, मार्बल या धातु की रेलिंग भी लगाई जा सकती है.

डिजाइन: रेलिंग मजबूत होनी चाहिए और उसका कोई कोना नुकीला नहीं होना चाहिए.

सही तरीका: ऊपर चढ़ते समय रेलिंग आपके दाहिने हाथ की ओर होनी चाहिए और नीचे उतरते समय बाएं हाथ की ओर.