कौन बनेगा छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस का नया अध्यक्ष? संगठन में चुनावी सरगर्मी तेज

रायपुर 
छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के नए मुखिया की खोज तेज हो गई है, जिसे लेकर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में दावेदारों के साक्षात्कार का दौर शुरू हो चुका है. अलग-अलग जिलों से आए 35 से अधिक युवा नेता इस रेस में शामिल होने के लिए देश की राजधानी पहुंचे हैं. इस इंटरव्यू प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद चुनावी मैदान में उतरने वाले अंतिम प्रत्याशियों की सूची तय की जाएगी, जिसके बाद ही मतदान की रूपरेखा स्पष्ट होगी। 

इस बार मुकाबले को केवल दो ध्रुवों तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि संगठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बिठाने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला और अल्पसंख्यक वर्ग के चेहरों को भी पूरा मौका दिया जा रहा है, जिससे अंतिम चरण में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है। 

इस पूरे चुनावी घमासान के बीच भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गुटों के बीच खींचतान की खबरें भी हवाओं में हैं। 

See also  CM ने फतेहपुर में गिनाई सरकार की प्राथमिकताएं, नई योजनाओं से पुरानी व्यवस्थाएं बदलेंगे हम

हालांकि, इन अटकलों को खारिज करते हुए देवेंद्र यादव ने साफ किया कि वरिष्ठ नेता हमेशा युवाओं को रास्ता दिखाते हैं और वे चुनाव में सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं करते। 

उन्होंने इसे गुटबाजी के बजाय एक स्वस्थ पारिवारिक प्रतिस्पर्धा करार दिया और खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी एनएसयूआई की छात्र राजनीति से निकलकर ही आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं. उन्होंने सभी युवा कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर सदस्यता अभियान को गति देने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की अपील की है। 

राजनीतिक गलियारों में इस समय दो नामों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चाएं गर्म हैं, जिनमें पहला नाम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले विनयशील का है। 

विनयशील के पक्ष में सबसे मजबूत कड़ी यह है कि उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह क्षेत्र कुनकुरी की नगर पंचायत में जीत दर्ज की थी, जिसे उनकी मजबूत सांगठनिक पकड़ के तौर पर देखा जा रहा है। 

See also  CG : धान खरीदी - पश्चिम बंगाल से पहुंचे 27 बोगी बारदाने

वहीं दूसरी ओर, विधायक देवेंद्र यादव के खेमे से बलौदाबाजार के शैलेंद्र बंजारे का नाम प्रमुखता से उछाला जा रहा है. शैलेंद्र को यादव का बेहद विश्वसनीय सिपहसालार माना जाता है और उनके समर्थकों में उनकी उम्मीदवारी को लेकर किसी प्रकार का संशय नहीं है. अब देखना यह होगा कि शीर्ष नेतृत्व अंततः किन दो-तीन नामों पर अपनी अंतिम मुहर लगाता है।