फैमिली पेंशन पर RBI का बड़ा फैसला, पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद भी जॉइंट अकाउंट रहेगा चालू

नई दिल्ली
 केंद्रीय पेंशनभोगियों और उनके जीवनसाथी के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर है. पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) तथा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, मुख्य पेंशनभोगी के निधन के बाद उनके पति या पत्नी के साथ चल रहा जॉइंट बैंक अकाउंट बंद नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही, फैमिली पेंशन शुरू कराने के लिए जीवित जीवनसाथी को कोई भी नया सिंगल बैंक अकाउंट खोलने की आवश्यकता नहीं होगी. सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य संकट की घड़ी में बुजुर्गों को बैंकों की लंबी कागजी कार्रवाई और चक्कर काटने से बचाना है। 

क्या है नया नियम और व्यवस्था?
पेंशन विभाग और बैंकिंग नियमों के मुताबिक, यदि पेंशनभोगी का अपने जीवनसाथी के साथ "आइदर और सर्वाइवर" (Either or Survivor) या "फॉर्मर और सर्वाइवर" मोड में संयुक्त खाता है, तो पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद उसी खाते में फैमिली पेंशन ट्रांसफर की जाएगी. बैंक इस मौजूदा जॉइंट अकाउंट को ही सिंगल अकाउंट में परिवर्तित कर देगा. इसके लिए पूरी बैंकिंग प्रक्रिया को नए सिरे से दोहराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। 

See also  मासूम का अपहरण कर की निर्मम हत्या, मुंह और आंख में फेवीक्विक डालकर मार डाला

फैमिली पेंशन शुरू कराने की आसान प्रक्रिया
पेंशनभोगी के निधन के बाद परिवार को सबसे पहले संबंधित बैंक शाखा को सूचित करना होगा. इसके लिए जीवनसाथी को केवल निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे:

    मृत्यु प्रमाण पत्र: पेंशनभोगी के निधन की आधिकारिक पुष्टि के लिए.
    PPO की कॉपी
: यदि पीपीओ में पति/पत्नी का नाम फैमिली पेंशन के लिए पहले से दर्ज है, तो काम बेहद आसान हो जाता है। 

    साधारण आवेदन पत्र और KYC: बैंक खाते का स्टेटस अपडेट करने के लिए एक साधारण फॉर्म और पहचान पत्र। 

इन दस्तावेजों को जमा करते ही बैंक केंद्रीय पेंशन प्रसंस्करण केंद्र (CPPC) को सूचना भेजेगा और उसी खाते में फैमिली पेंशन क्रेडिट होना शुरू हो जाएगी. इस प्रक्रिया में जीवित पति/पत्नी को 'फॉर्म 14' भरने की भी जरूरत नहीं पड़ती। 

देरी से बचने के लिए अभी करें ये काम

विशेषज्ञों के अनुसार, अक्सर फैमिली पेंशन में देरी नियमों की वजह से नहीं, बल्कि दस्तावेजों में कमियों के कारण होती है. इसलिए पेंशनभोगियों को समय रहते ये कदम उठाने चाहिए:

See also  एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी, अब 9 मार्च को अगली सुनवाई

नाम की स्पेलिंग जांचें: सुनिश्चित करें कि पीपीओ, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते में जीवनसाथी के नाम की स्पेलिंग बिल्कुल एक जैसी हो। 

KYC अपडेट रखें: बैंक खाते का नो-योर-कस्टमर (KYC) रिकॉर्ड हमेशा अपडेटेड रखें ताकि खाता कभी फ्रीज न हो। 

जॉइंट अकाउंट मोड: यदि खाता जॉइंट नहीं है, तो उसे तुरंत 'आइदर या सर्वाइवर' मोड में बदलवा लें।