जांजगीर जिला के बहुचर्चित गड्ढापुर में सड़क को बनवाने के लिए अनशन पर बैठे एक ग्रामीण की देर रात तबीयत बिगड़ गई। आनन फानन में उसे पामगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। अनशनकारियों सहित पामगढ़ की जनता ने आज चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।
जांजगीर जिला को राजधानी से जोड़ने वाले सड़क में महज 5 किलोमीटर की बदहाल सड़क पिछले 15 सालों से निर्माण को तरस रही है। सड़क पर हुए भारी-भारी गड्ढे ग्रामीणों और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना रहता है। अब तक न जाने कितने लोग इन सड़कों में हादसों का शिकार हो चुके हैं। वहीं कइयों ने अपनी जान तक गवा दी है।
हर साल ग्रामीणों द्वारा सड़क को दुरुस्त करने के लिए प्रदर्शन का सहारा लेती है किंतु शासन प्रशासन द्वारा आश्वासन देकर उन्हें शांत कर दिया जाता है। गड्ढे को पढ़ने के नाम पर सड़क पर बजरी डाल दी जाती है। लेकिन इस सड़क पर भारी-भारी वहां चलने के कारण वह बजरी धूल में तब्दील होकर उड़ जाती है। और इन सड़कों पर पहले की तरह बड़े-बड़े गड्ढे बन जाते हैं।
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष ग्रामीणों द्वारा अपने आंदोलन की प्रक्रिया में परिवर्तन करते हुए आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। आमरण अनशन का आज पांचवा रोज है। आमरण पर बैठे ग्रामीणों की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। शुक्रवार की सुबह ग्रामीण पुनी राम कश्यप की तबीयत बिगड़ गई। आनन फानन में उन्हें तत्काल पामगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां उसका उपचार जारी है।