शाकाहारी लोग भी बना सकते हैं मजबूत मसल्स, डॉक्टर ने बताया ल्यूसीन का सही राज

शाकाहारी लोगों की अक्सर शिकायत रहती है उनके पास प्रोटीन सोर्स की कमी रहती है इसलिए उनके मसल्स जल्दी नहीं बन पाते लेकिन एक डॉक्टर ने इसका तरीका भी बताया है. डॉ. अनूप मिश्रा का कहना है, मसल्स बनाने के लिए सिर्फ प्रोटीन की मात्रा देखना काफी नहीं है बल्कि उसके साथ ल्यूसीन (Leucine) नाम के एक जरूरी अमीनो एसिड का सही लेवल होना बहुत जरूरी है. ल्यूसीन मसल्स के लिए एक ट्रिगर की तरह काम करता है, जो मसल्स प्रोटीन सिंथेसिस को एक्टिवेट करता है.

क्यों जरूरी है ल्यूसीन?
ल्यूसीन एक ऐसा अमीनो एसिड है जो हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता इसलिए इसे डाइट से लेना जरूरी होता है. यह मसल्स को संकेत देता है कि उन्हें प्रोटीन का उपयोग करके बढ़ना और रिकवर होना है. जब आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या वजन उठाने वाली एक्सरसाइज करते हैं तो ल्यूसीन का सही सेवन मसल्स को तेजी से रिकवर करने और मजबूती देने में मदद करता है.

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कई रिसर्च बताती हैं कि सही मात्रा में ल्यूसीन मिलने पर प्लांट-बेस्ड प्रोटीन भी मसल्स बिल्डिंग में उतने ही कारगर हो सकते हैं जितने कि एनिमल प्रोटीन.

क्या है सही चुनाव?
डॉ. मिश्रा के अनुसार, बेसन जैसे ऑप्शंस में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है. 100 ग्राम बेसन में करीब 20 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है जो कि गेहूं या अन्य अनाजों के मुकाबले काफी बेहतर है. इसके अलावा, सोयाबीन प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के सबसे बेहतरीन सोर्सेज में से एक है. सोया न केवल हाई-प्रोटीन है, बल्कि इसमें ल्यूसीन भी भरपूर होता है, जिससे यह मसल्स बिल्डिंग के लिए एक स्मार्ट और सुलभ विकल्प बन जाता है.

डाइट में करें ये छोटा सा बदलाव
डॉ. मिश्रा का सुझाव है कि हर मील में प्रोटीन और ल्यूसीन के सही बैलेंस पर ध्यान दें. यदि आप अपनी मील में बेसन या अन्य प्रोटीन सोर्सेज को मिक्स करते हैं तो इससे आपकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ेगी और कार्बोहाइड्रेट का असर कम हो जाएगा. यह न केवल आपकी मसल्स बनाने में मदद करेगा बल्कि ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल में रखने में मददगार हो सकता है. कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स का चुनाव करने और खाने के तरीके को सही रखने से बिना किसी महंगी दवा के आपकी सेहत में बड़ा सुधार आ सकता है.

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