जयपुर में 4 जुलाई को महिला नीरज शर्मा की हादसे में मौत नहीं हुई थी, ब्लकि उसकी हत्या कराई गई थी. हत्या कराने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसकी बेटी आयुषी, जेठ मोहन और जेठ का बेटा बलराम है. जयपुर पुलिस ने आज हत्याकांड का खुलासा किया. पुलिस ने आयुषी, मोहन सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. बलराम फरार चल रहा है. कांस्टेबल दयाराम और गणेश की हत्याकांड के खुलासे में विशेष भूमिका रही.
स्कॉर्पियो से कुचलवाया
डीसीपी जयपुर ईस्ट रंजिता शर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि 4 जुलाई को प्रताप नगर थाना क्षेत्र में स्कॉर्पियो की टक्कर से महिला नीरज शर्मा की मौत हो गई थी. जांच में सामने आया कि हादसा नहीं, बल्कि हत्या है. महिला नीरज शर्मा के पति एक कोर्ट में LDC के पद पर थे. एक साल पहले उनकी मौत हो गई थी. नीरज शर्मा अपने पति की जगह नौकरी पाई थी. नीरज की बेटी आयुषी (24) मां की नौकरी पाना चाहती थी, इस लिए उसकी हत्या करवा दी.
बेटी ने हत्या की रची साजिश
पुलिस ने बताया कि आयुषी ने ताऊ मोहन और ताऊ के बेटे बलराम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची. इन्होंने अपने नजदीकी रिश्तेदार हेमंत को 7 लाख रुपये की सुपारी दी. इसके बाद हेमंत ने अपने साथियों आकाश, अरविंद, रोहित और मोहित के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया. पुलिस ने बताया कि इनकी क्राइम कुंडली की तलाश की जा रही है. सभी आरोपी भरतपुर के रहने वाले हैं.
महिला के भाई को हुआ था शक
महिला नीरज शर्मा के भाई राकेश कुमार शर्मा को हादसे की कहानी हजम नहीं हुई. वे पुलिस के पास पहुंचे और मामला दर्ज करवाया. उन्होंंने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनकी भांजी आयुषी शर्मा ने फोन करके हादसे में मौत की जानकारी दी थी. राकेश ने बताया कि उसकी बहन बहुत दिनों से परेशान थी और कई बार फोन करके बताया था कि उसकी बेटी, जेठ और जेठ का बेटा संपत्ती के लिए टॉचर्र करते थे.
हत्या की जताई आशंका
राकेश ने पुलिस से संदेह जताया कि उसकी बहन की जान हादसे में नहीं गई, बल्कि हत्या कराई गई है. इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पूरा मामला खुल गया. पुलिस ने घटना स्थल पर पूछताछ की तो लोगों ने बताया कि तेज रफ्तार गाड़ी आई और उसने महिला को टक्कर मार दी. इसके बाद पुलिस ने गाड़ी और उसके ड्राइवर को पकड़कर शक्ति से पूछताछ की तो उसने पूरा राज उगल दिया, और हत्याकांड का खुलासा हो गया.