प्रदेशव्यापी “लोक परिवहन बसों का विशेष चेकिंग एवं प्रवर्तन अभियान” हुआ सफल

भोपाल

यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस परिवहन शोध संस्‍थान द्वारा परिवहन विभाग के समन्‍वय से संयुक्त रूप से प्रदेशव्यापी "लोक परिवहन बसों का विशेष चेकिंग एवं प्रवर्तन अभियान" सफलतापूर्वक संचालित किया गया। एक सप्ताह तक चले इस विशेष अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, अनुशासित एवं उत्तरदायी बनाना था। अभियान के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस एवं परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने संयुक्त रूप से सघन जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई की।

अभियान के दौरान प्रदेशभर में 12,209 लोक परिवहन बसों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बसों में फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) सहित अन्य अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता एवं उनकी कार्यशीलता का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही बसों के फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट,  बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र तथा अन्य वैधानिक दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई।

विशेष अभियान के दौरान बिना फिटनेस, बिना परमिट अथवा अन्य आवश्यक वैध दस्तावेजों के बिना संचालित वाहनों सहित मोटरयान अधिनियम एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 4,787 चालान बनाए गए तथा लगभग 33 लाख रुपये का शमन शुल्क (जुर्माना) वसूल किया गया।

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निरीक्षण के दौरान 128 बसों में गंभीर सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं पाई गईं। इनमें कई बसों में आपातकालीन निकास द्वार उपलब्ध नहीं था अथवा उसे बंद कर उसके स्थान पर अतिरिक्त सीटें लगा दी गई थीं, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में यात्रियों की सुरक्षित निकासी बाधित हो सकती थी। इन गंभीर मामलों में पुलिस द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन के आधार पर परिवहन विभाग ने 22 वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिए हैं, जिसके फलस्वरूप इन वाहनों का पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) भी निलंबित हो गया है। शेष वाहनों के विरुद्ध भी फिटनेस प्रमाण-पत्र एवं पंजीयन निरस्तीकरण की कार्रवाई प्रचलन में है तथा इस संबंध में परिवहन आयुक्त को आवश्यक प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है।