आषाढ़ अमावस्या पर गुरु होंगे अस्त, इन पांच राशियों को रहना होगा सावधान

आषाढ़ अमावस्या 14 जुलाई यानी कल मनाई जाएगी. ज्योतिषियों की मानें तो, यह दिन बहुत ही विशेष माना जा रहा है. दरअसल, आषाढ़ अमावस्या पर देवगुरु बृहस्पति अस्त होने जा रहे हैं और 12 अगस्त तक इसी अवस्था में रहेंगे. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब ज्ञान, भाग्य, विवाह और धन के कारक गुरु ग्रह अस्त होते हैं, तो उनका शुभ प्रभाव कम हो जाता है. गुरु के अस्त होने से मांगलिक कार्यों पर तो रोक लगती ही है, साथ ही कुछ विशेष राशियों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है. आषाढ़ अमावस्या से इन राशियों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है.

वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि के जातकों के लिए गुरु का अस्त होना आर्थिक और पारिवारिक मोर्चे पर थोड़ा तनाव ला सकता है. इस दौरान धन के लेन-देन में बेहद सतर्कता बरतें. किसी को बड़ा कर्ज देने से बचें, वरना पैसा अटक सकता है. परिवार में पैतृक संपत्ति या किसी बात को लेकर वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें.

See also  6 महीने के बच्चों की डाइट गाइड: लिक्विड फूड से करें सॉलिड फूड की शुरुआत

मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि के जातकों के वैवाहिक जीवन और साझेदारी पर इसका असर देखने को मिल सकता है. जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं. छोटी-छोटी बातों पर बहस करने से बचें. अगर आप बिजनेस में पार्टनरशिप करने की सोच रहे हैं, तो फिलहाल फैसला टाल दें. कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आ सकती है.

कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु का अस्त होना कार्यक्षेत्र और स्वास्थ्य के लिहाज से उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है. नौकरीपेशा लोगों को काम का दबाव महसूस होगा. सीनियर्स के साथ संबंध बिगड़ने न दें. इस समय भाग्य के भरोसे रहने की बजाय सिर्फ अपनी मेहनत पर भरोसा करें. सेहत को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है, खासकर पेट और लिवर से जुड़ी समस्याओं से सावधान रहें.

वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि के लोगों को इस अवधि में निवेश और खर्चों को लेकर बहुत ज्यादा अनुशासित रहना होगा. बिना सोचे-समझे लॉटरी, शेयर बाजार या किसी जोखिम भरे काम में पैसा न लगाएं, नुकसान हो सकता है. संचित धन में कमी आ सकती है. इसके अलावा, भाई-बहनों के साथ किसी बात को लेकर अनबन होने की आशंका है, शांति से काम लें.

See also  दीवाली 2025: कब, कैसे और किन सामग्रियों से करें लक्ष्मी-कुबेर पूजा, जानें सही विधि और मंत्र

मीन राशि (Pisces)
देवगुरु बृहस्पति का अस्त होने का सीधा असर आपके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ेगा. इस दौरान आप खुद को थोड़ा भ्रमित या ऊर्जाहीन महसूस कर सकते हैं. कोई भी बड़ा या महत्वपूर्ण फैसला जल्दबाजी में न लें. करियर में बदलाव करने के लिए यह सही समय नहीं है, जो जैसा चल रहा है उसे वैसा ही रहने दें.

गुरु के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
– हर गुरुवार को भगवान विष्णु और केले के वृक्ष की पूजा करें.
– 'ऊं बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का नियमित जाप करें.
– गुरुवार के दिन पीले वस्त्र पहनें और पीली वस्तुओं (जैसे चने की दाल, केला, केसर) का दान करें.
– बड़े-बुजुर्गों और गुरुओं का सम्मान करें, उनका आशीर्वाद लें.