बेटे को मृत समझकर करने जा रहे थे अंतिम संस्कार, एक फोन ने सबको चौकाया रुका अंतिम संस्कार, लाश थी किसी दूसरे की

बेटे को मृत समझकर करने जा रहे थे अंतिम संस्कार : जम्मू शहर में एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने परिजनों, डॉक्टरों और पूरे सिस्टम को झकझोर कर रख दिया। 27 साल के विशाल नाम के युवक को मृत समझकर उसका परिवार सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) से शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए निकल चुका था।

एंबुलेंस श्मशान की ओर बढ़ ही रही थी कि अचानक फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ से आवाज़ आई—‘मैं विशाल बोल रहा हूं… मैं ज़िंदा हूं। जो शव आप ले जा रहे हो, वो मेरा नहीं है।’ एक पल में मातम खुशी और हैरानी में बदल गया। एंबुलेंस तुरंत यू-टर्न लेकर वापस जीएमसी पहुंची।

बेटे को मृत समझकर करने जा रहे थे अंतिम संस्कार : तीन दिन से लापता था विशाल, पहचान में हुई बड़ी भूल

विशाल तीन दिन से घर से लापता था। इसी बीच जीएमसी की मोर्चरी में एक अज्ञात शव मिला। चेहरे-मोहरे और कद-काठी मिलती-जुलती देख परिजनों ने उसे विशाल मान लिया। पुलिस-प्रशासन ने भी परिजनों की शिनाख्त के आधार पर शव सौंप दिया। कागजी कार्रवाई पूरी होते ही परिवार शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए चल पड़ा।

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बेटे को मृत समझकर करने जा रहे थे अंतिम संस्कार : रास्ते में विशाल ने अपने किसी परिचित के फोन से घर वालों को कॉल किया। उसने बताया कि वह सुरक्षित है और जम्मू में ही है। यह सुनते ही परिवार के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। आंसू, चीख-पुकार और मातम का माहौल कुछ ही सेकंड में अविश्वास और फिर राहत में बदल गया।

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अज्ञात शव फिर पहुंचा मोर्चरी, सवालों के घेरे में सिस्टम

बेटे को मृत समझकर करने जा रहे थे अंतिम संस्कार : एंबुलेंस वापस जीएमसी पहुंची और शव को फिर से मोर्चरी में रखवा दिया गया। अब सबसे बड़ा सवाल- अगर यह विशाल नहीं है तो मोर्चरी में पड़ा शव किसका है? तीन दिन बाद भी उसकी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने दोबारा शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आमतौर पर अज्ञात शव मिलने पर पुलिस फोटो, कपड़े, चोट के निशान और आसपास के थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट से मिलान करती है। यहां परिजनों की शिनाख्त को ही अंतिम मान लिया गया।

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बेटे को मृत समझकर करने जा रहे थे अंतिम संस्कार : इस घटनाक्रम के बाद शव की पहचान की प्रक्रिया और संबंधित व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।