पामगढ़ के दुपट्टा नाले में बही थार : जांजगीर जिला के पामगढ़ दुपट्टा मोड़ के पास आज दोपहर नाले में एक थार बह गई। उसमें सवार तीन ट्रांसपोर्टर मलिक किसी खिड़की से तरह बाहर निकलने में कामयाब हुए। घटना पामगढ़ थाना क्षेत्र की है|
पामगढ़ के दुपट्टा नाले में बही थार, बाल बाल बचे 3 बस ट्रांसपोर्टर मालिक
पामगढ़ के दुपट्टा नाले में बही थार : पामगढ़ में गुरुवार शाम से तेज बारिश का दौरा चल रहा था जो शुक्रवार की शाम को रुका। तेज बारिश होने के कारण क्षेत्र के पूरे नाले उफान पर चल रहे थे। पामगढ़ दुपट्टा मोड़ पर बने नाले अपने पूरे उफान पर था। सड़क से लगभग 2-3 फीट ऊपर पानी बह रहा था। पुलिस द्वारा सड़क पर बैरिकेडिंग की गई थी।
इसी बीच दोपहर को बस ट्रांसपोर्टर मालिक अपने थार UP 32 QP 8787 पुल को पार करने की कोशिश की, लेकिन रास्ते से अनजान होने के कारण पुल के ऊपर से जाने की बजाए नाले में ही थार चला दी। देखते ही देखते थार नाले में बहने लगी। बहते हुए पुल पर जा फसी जिसके बाद कार का शीशा तोड़ कर सभी किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब हुए। जिससे उसकी जान बच गई।
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पामगढ़ के दुपट्टा नाले में बही थार : बस ट्रांसपोर्टर मलिक ने बताया कि वह बसना से बिलासपुर जा रहे थे। थार में तीन लोग सवार थे। पामगढ़ के दुपट्टा मोड पहुंचने पर पीछे से एक अन्य गाड़ी आ रही थी। जिसने इन्हें बताया कि अकलतरा की ओर से जाने पर उन्हें नेशनल हाईवे मिल जाएगा जिससे वह आसानी से बिलासपुर पहुंच जाएंगे।
बस ट्रांसपोर्टर मलिक को वाहन सवार ने बताया की आप के वाहन का चक्का बड़ा है आसानी से पुल पार कर लेगा। ट्रांसपोर्टर मालिक ने उनसे आगे चलने का आग्रह किया किंतु उन्होंने आप आसानी से निकल जाने की बात कही। जिस पर इन्होंने बेरी गेट के किनारे से सीधे वाहन चला दी। जबकि पुल के ठीक बीचो-बीच बैरीगेट लगी हुई थी। और देखते ही देखते थार नाले में बह गई।
पामगढ़ के दुपट्टा नाले में बही थार : देर शाम जेसीबी की मदद से थार को नाले से बाहर निकाल लिया गया। लेकिन थार न्यू मॉडल और सेंसर युक्त होने की वजह से सीज़ हो गई थी। जिसके कारण वह चालू नहीं हो सकी।
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