आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट 2027 में, कर्मचारियों को बढ़ोतरी की उम्मीद

नई  दिल्ली
आठवें वेतन आयोग के गठन को करीब 9 महीने हो गए हैं। अब हर किसी के मन में सिर्फ ये सवाल है कि आखिर वेतन आयोग कब तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा। केंद्रीय कर्मचारी भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सवाल है कि क्या आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को सरकार पूरी तरह से लागू करेगी? आइए समझते हैं।

रिपोर्ट कब सौंपेगा वेतन आयोग
उम्मीद है कि वेतन आयोग 2027 के मध्य तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देगा। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद केंद्र सरकार इसकी सिफारिशों की जांच करेगी और फिर इसे लागू करने पर अंतिम फैसला लेगी। बता दें कि सरकार इन सिफारिशों को अक्षरश: लागू करने के लिए बाध्य नहीं है। इस पर निर्णय सरकारी खजाने और बोझ के हिसाब से किया जाएगा। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि सरकार सिफारिशों को बैकडेट से लागू करती भी है या नहीं। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को यह उम्मीद है कि वेतन आयोग की सिफारिशें बैकडेट में जाकर 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी।

See also  मुर्गी पालन का व्यापार, सरकार दे रही 50 लाख रुपए की मदद, जाने इस योजना के बारे में

ताबड़तोड़ बैठकें कर रहा वेतन आयोग
अब तक वेतन आयोग ने अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संबंधित लोगों (स्टेकहोल्डर्स) के साथ बातचीत के नौ दौर पूरे कर लिए हैं। आखिरी दौर 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में हुआ था। अलग-अलग शहरों में बातचीत के जरिए वेतन आयोग कई संबंधित लोगों से मिलता है और वेतन में बदलाव, पेंशन, भत्ते और अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले दूसरे मामलों पर उनके सुझाव मांगता है। बता दें कि वेतन आयोग ने अप्रैल महीने से बैठकों का दौर शुरू किया था।

नवंबर में हुआ था गठन
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दी थी। इसके बाद, 3 नवंबर 2025 को इसका गठन किया गया और इसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया। जुलाई के मध्य तक, आठ महीने से ज़्यादा का समय बीत चुका है और लगभग 10 महीने बाकी हैं। इस फैसले का असर केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारियों और करीब 70 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा।

See also  अडानी ग्रुप का यूपी को लेकर बड़ा ऐलान, मिर्जापुर में लगेगा 14000 करोड़ का प्लांट

कितने फिटमेट फैक्टर का अनुमान
कर्मचारी यूनियन 3.83 के फिटमेंट फैक्टर, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने और ज्यादा हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की मांग कर रही हैं। अगर आयोग 3.83 गुना फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करता है और केंद्र सरकार इसे मान लेती है, तो केंद्र सरकार के कर्मचारियों का न्यूनतम मासिक वेतन मौजूदा 18,000 रुपये से बढ़कर 69,000 रुपये हो जाएगा। यह न्यूनतम वेतन में 283 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।