दिल्ली के जंतर-मंतर पर अधिकारों की आवाज बुलंद करने आए प्रदर्शनकारियों और खाकी के बीच भीषण टकराव हो गया। आंसू गैस के गोलों और लाठियों के साए में एक मासूम बच्ची लहूलुहान हो गई, वहीं लद्दाख की गूंज अब देश की संसद तक पहुंच चुकी है।
‘लड़कियों पर पुरुष पुलिसकर्मियों ने…’- प्रदर्शन के बीच अभिजीत
दीपके का बड़ा दावा!#CJPProtest #SonamWangchuk | संसद मार्च | दिल्ली पुलिस | संसद भवन | Dharmendra Pradhan | Constitution pic.twitter.com/e7SjoA7iNn— Vistaar News (@VistaarNews) July 20, 2026
संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही देश की राजधानी दिल्ली की सड़कें राजनीतिक अखाड़ा और रणक्षेत्र में बदल गईं। लद्दाख की स्वायत्तता और पर्यावरण की रक्षा के लिए महीनों से आंदोलन कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थकों के ‘संसद मार्च’ को रोकने के लिए पुलिस ने जो रुख अपनाया, उसने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। जंतर-मंतर पर शुरू हुआ शांतिपूर्ण प्रदर्शन देखते ही देखते चीख-पुकार में बदल गया, जहां प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली पुलिस पर बर्बरता का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठे दिपके ने कहा की पुलिस ने मार्च का नेतृत्व कर रहीं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो के साथ न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि उनके बाल भी खींचे। आरोप यहीं खत्म नहीं होते; इस झड़प में एक 12 साल की मासूम बच्ची का सिर फट गया है, जबकि 40 से 50 अन्य प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
सोनम वांगचुक जी की पत्नी गीतांजलि को बालों से पकड़कर घसीटा, अभिजीत दीपके को गिरफ्तार कर लिया गया है, बुरी तरह लाठीचार्ज हुआ है 😑😑
ये है भारतीय लोकतंत्र का चेहरा । pic.twitter.com/nDB76KliP3
— Youth Against Silence (@YouthofIndia99) July 20, 2026

दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आई दिल्ली पुलिस ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति को पूरी तरह ‘पेशेवर’ तरीके से संभाला जा रहा है और किसी भी तरह के लाठीचार्ज या हिरासत में लेने की खबरें महज अफवाह हैं। पुलिस ने एक्स (ट्विटर) पर बयान जारी कर जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो पुलिस के इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं, जिसमें प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग और लाठीचार्ज साफ देखा जा सकता है। इस झड़प में कुछ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की खबर है।
यह भीड़ जंतर-मंतर की नहीं, दिल्ली के हर कोने में हजारों युवा एकत्रित होकर आंदोलन कर रहे हैं 🇮🇳
देश को इसी #युवा_क्रांति की जरूरत थी #संसद_मार्च#DharmendraPradhanResign pic.twitter.com/uW5FlzhTcs
— Ravi Dabra (روی) (@liteversion07) July 20, 2026
सड़क पर उतरे आंदोलनकारी भारी बैरिकेडिंग, आंसू गैस के गोलों और लाठियों के बावजूद पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग उठाई। इस प्रदर्शन के कारण लुटियंस दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों में घंटों तक चक्काजाम जैसी स्थिति बनी रही, जिससे आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दिल्ली के हालात… pic.twitter.com/P2rdYhRpNa
— Gaurav Kumar (@gaurav1307kumar) July 20, 2026
संसद सत्र के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पहले CrPC की धारा 144 थी) लागू कर दी है। इसके तहत बिना अनुमति के 5 या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने, रैलियों और मार्च निकालने पर पूरी तरह पाबंदी है। संसद भवन और अन्य संवेदनशील सरकारी इमारतों की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर भारी सुरक्षाबल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान तैनात कर दिए गए हैं।
कुछ देर पहले जंतर मंतर खाली कराने पहुंचे सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया !! https://t.co/38wiVyIuXS pic.twitter.com/DNMIbsKhye
— Sachin Gupta (@Sachingupta) July 20, 2026

CJP के आंदोलन में मोर्चा सम्हाले हुए नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद
CJP के आंदोलन में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद..! pic.twitter.com/nyAhJRym7I
— The Equality (@TheEqualityLab) July 20, 2026