15 साल बाद उमर अब्दुल्ला और पायल के तलाक पर बनी सहमति, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सही कदम

नई दिल्ली

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल के बीच तलाक को लेकर आपसी सहमति बन गई है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में ये बात कही. इस पर अदालत ने कहा कि इन्हीं शर्तों पर मामले का निस्तारण होगा.सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उमर अब्दुल्ला की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि पति-पत्नी के बीच सभी विवाद आपसी सहमति से सुलझ गए हैं। 

उमर और पायल के बीच तलाक पर आपसी सहमति
उन्होंने कहा कि दोनों ने अपने-अपने रास्ते चुनने का फैसला कर लिया है और अब अदालत तलाक की डिक्री प्रदान कर सकती है. साथ ही, दोनों पक्षों की ओर से लंबित अन्य सभी मामलों को भी वापस ले लिया जाएगा. इस पर अदालत ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक सकारात्मक पहल है. बेंच ने कहा कि वह दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को रिकॉर्ड पर लेते हुए इन्हीं शर्तों के अनुसार मामले का निस्तारण करेगी। 

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अच्‍छी बात है…
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि यह स्वागतयोग्य स्थिति और अच्‍छी बात है. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने टिप्पणी की कि चूंकि दोनों पक्षों के बीच सभी विवाद आपसी सहमति से सुलझ चुके हैं, इसलिए इन्हीं शर्तों के आधार पर मामले का निपटारा किया जाएगा. अदालत के समक्ष यह भी स्पष्ट किया गया कि तलाक के अलावा दोनों पक्षों के बीच लंबित अन्य कानूनी मामलों को भी वापस लेने पर सहमति बन गई है. इसके बाद शीर्ष अदालत ने मामले का अंतिम निस्तारण करते हुए वैवाहिक संबंध समाप्त करने का आदेश पारित कर दिया। 

तलाक का मामला
पिछले साल अप्रैल में, सुप्रीम कोर्ट ने उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल अब्दुल्ला (जिनसे वे अलग रह रहे हैं) को साथ बैठकर अपने वैवाहिक विवादों को सुलझाने की कोशिश करने का निर्देश दिया था। उमर और पायल ने सितंबर 1994 में शादी की थी, लेकिन वे लंबे समय से अलग रह रहे थे।

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दिल्ली हाई कोर्ट ने 12 दिसंबर, 2023 को उमर की तलाक की अर्ज़ी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि उनकी अपील में कोई दम नहीं है और 2016 के फैमिली कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें उमर को तलाक की डिक्री देने से इनकार कर दिया गया था।

लंबे समय से रह रहे थे अलग
उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला लंबे समय से अलग रह रहे थे. उनका तलाक का मामला काफी समय से न्यायिक प्रक्रिया में था. अब दोनों पक्षों के बीच सभी मुद्दों पर सहमति बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से तलाक को मंजूरी देते हुए इस लंबे समय से चले आ रहे वैवाहिक विवाद का पटाक्षेप कर दिया। 

पायल पर 300 करोड़ की एलिमनी मांगने का आरोप
सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दोनों पक्षों को एकसाथ बैठकर मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने को कहा था. अदालत ने कहा था कि हम उम्मीद करते हैं कि दोनों पक्ष गंभीरता दिखाएंगे और मामला सुलझ जाएगा. सुनवाई के दौरान उमर अब्दुल्ला के वकील कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया था कि पायल तलाक नहीं देना चाहतीं और 300 करोड़ की एलिमनी की मांग कर रही हैं, जबकि दोनों 17 सालों से अलग रह रहे हैं। 

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2009 से उमर से अलग रह रहीं हैं पायल
बता दें कि उमर अब्दुल्ला ने पायल नाथ से सितंबर 1994 में शादी की थी. पायल आर्मी मेजर जनरल रामनाथ की बेटी हैं. उनके पिता मूल रूप से लाहौर के रहने वाले हैं. देश के विभाजन के बाद उनका परिवार लाहौर से भारत आ गया था. उमर और पायल ने लव मैरिज की थी. लेकिन शादी के 15 सालों बाद साल 2009 में उनके रिश्ते में दरार आ गई. जिसके बाद पायल उमर से अलग रहने लगीं।