नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने कई शहरों में तबाही मचा दी। बागमती के तिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाकों में बाढ़ के पानी से घरों-बाजारों और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को काफी नुकसान पहुंचा है। काठमांडू पोस्ट के मुताबिक अचानक आई बाढ़ से हुए हादसे में अब तक 7 से 8 लोगों के मरने की खबर है।
तबाही से जुड़ा कई वीडियो अब सोशल मिया पर सामने आ रहा है। एक वीडियो एक विशाल पुल को बाढ़ के पानी को निगलते हुए देखा जा सकता है। फुटेज में देखा जा सकता है कि तेजी से बहते बाढ़ के पानी की मार एक पुल पर पड़ी, जिससे आस-पास के घर बह गए। देखते ही देखते पुल को सिर्फ 30 सेकंड में ही बाढ़ के मटमैले पानी ने पुल को अपनी चपेट में ले लिया, उसे गिरा दिया और अपने साथ बहा ले गया।
भोटे कोशी नदी में आई बाढ़
भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने तिमुरे बाजार और रसुवा बॉर्डर क्रॉसिंग पर मौजूद कस्टम्स इलाके को भारी नुकसान पहुंचाया है। यह नदी तिब्बत से निकलती है और नेपाल की त्रिशूली नदी में मिलती है, जो आगे चलकर भारत में गंडक नदी के रूप में बहती है।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान?
‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरगया ग्रामीण नगर पालिका की डिप्टी चेयर चमेली गुरुंग ने बताया कि लगभग एक दर्जन बस्तियां प्रभावित हुई हैं। इनमें स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, मैलुंग, सल्लेतार, शांतिबाजार, पैरेबेसी, खालती बस्ती, सोले, त्रिशूली और बत्तार शामिल हैं।
These visuals from the floods in Rasuwa, Nepal are absolutely horrific. The scale of the destruction looks unreal, almost like a scene from a disaster movie.The entire Himalayan belt needs to seriously work on better early warning systems for such flash floods. Prayers for… pic.twitter.com/7iiupXXIzT
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) August 26, 2026
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में कीचड़ वाला पानी बुनियादी ढांचे और घरों को बहा ले जाते हुए दिख रहा है। एक वीडियो में, एक घर झुककर बगल की इमारत पर गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। दोनों इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।
एक दूसरे वीडियो में, एक पुल का हिस्सा बहता हुआ दिखाई दे रहा है। पानी के तेज बहाव में बहने से पहले वह बीच से टूट गया। जिसके बाद पानी के बहाव में बह गया।
रिहायशी इलाके के एक वीडियो में बसें खड़ी दिखाई दे रही हैं, जिनके टायर पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं। उसके पीछे में एक महिला को अपनी बेटी को ढूंढते हुए रोते-बिलखते सुना जा सकता है। वह पूछती है, ‘मेरी छोरी कहां गई?’
नेपाल-चीन सीमापर नौ जवान लापता
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के पास तिमुरे में तैनात सशस्त्र पुलिस बल के नौ जवान लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल पुलिस ने त्रिशूली नदी बेसिन के जिलों (जिनमें नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा और आसपास के इलाके शामिल हैं) में लोगों से पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है।
नेपाल सेना ने एक बयान में कहा कि तिब्बत सीमा से लगभग 125 किलोमीटर दूर रसुवा जिले के तिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाकों में पानी का स्तर अचानक बढ़ने से भारी नुकसान हुआ है। यह बाढ़ स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत से शुरू हुई थी।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता एबी नारायण काफ्ले ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, ‘हमें नुकसान के सही स्तर का पता नहीं है, लेकिन बाढ़ बहुत विशाल है और इससे कई बस्तियों को नुकसान पहुंचा होगा।’ उन्होंने कहा, ‘हमने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को दूसरी जगह जाने के लिए अलर्ट कर दिया है।।। और अपने सभी संसाधनों को तैनात कर दिया है।’
नेपाल बिजली प्राधिकरण ने कहा कि जलविद्युत और सौर सुविधाओं सहित लगभग 430 मेगावाट की उत्पादन क्षमता को नुकसान पहुंचा है। प्राधिकरण ने कहा, ‘इस आपदा से प्राधिकरण की उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।’ फंसे हुए लोगों को बचाने का काम नेपाल पुलिस और नेपाल सेना द्वारा किया जा रहा है।
ये कोई फिल्मी सीन नहीं, नेपाल में आई बाढ़ से होने वाली तबाही का नज़ारा है, जो बेहद ख़ौफ़नाक मंजर दिख रहा है,एक के बाद एक पुल टकराकर बह गए। pic.twitter.com/C0X7reumrO
— Ruksar_X (@Ruksar_X) August 26, 2026
बाढ़ में 384 यात्री लापता, 105 भारतीय शामिल
नेपाल में तिब्बत की सीमा से लगे इलाके में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस बाढ़ में 384 यात्री लापता हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने बताया इन लापता लोगों में 105 भारतीय हैं।
नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने आज बुधवार सुबह रासुवा की भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद 384 यात्रियों के लापता होने की पहचान की है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। नेपाल बाढ़ में अब तक 7 लोगों की मौत की खबर सामने आई है।

अमित शाह ने सीएम सम्राट से की बात
नेपाल में मूसलाधार बारिश और ग्लेशियर फटने से बिहार में बाढ़ के खतरे को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात की। गृह मंत्री ने संभावित संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ अलर्ट है।
नेपाल का एक ख़ौफ़नाक वीडियो आया सामने,
जहाँ चीख़ते चिल्लाते जान बचाने के लिए पहाड़ियों में ऊँचाई पर भागते हुए लोगों को देखिए, आँखों के सामने ही बहते दिखे परिवार के लोग नेपाली में लिखो
नेपालको एउटा डरलाग्दो भिडियो सार्वजनिक भएको छ, जहाँ चिच्याउँदै–कराउँदै ज्यान जोगाउन मानिसहरू… pic.twitter.com/GzxBvAEiMg
— Pyara Uttarakhand प्यारा उत्तराखंड (@PyaraUKofficial) August 26, 2026
नेपाल में आई बाढ़ में 105 भारतीय लापता
नेपाल में आई बाढ़ के बीच 10 टूरिज्म और ट्रैवल एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर लापता हुए लोगों की लिस्ट तैयार की गई है।
टूरिज्म बोर्ड, टूरिस्ट पुलिस और ट्रैवल एजेंसियां, गाइड, स्थानीय अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां साथ मिलकर यात्रियों की लोकेशन और सुरक्षा की पुष्टि कर रहे हैं।
291 विदेशी नागरिकों में से 105 भारत से हैं, जबकि बाकी यात्री ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, अमेरिका, मलेशिया, यूनाइटेड किंग और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक हैं।
कई अन्य विदेशी यात्रियों की राष्ट्रीयता की पुष्टि अभी बाकी है, जबकि 37 लोगों को अनिवासी भारतीय (NRI) के तौर पर लिस्ट किया गया है।
एजेंसी के हिसाब से शुरुआती रिकॉर्ड में ट्रेकर्स सोसाइटी से 92 यात्री, सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स से 71, लीफ हॉलिडे से 55, हिमालयन ग्लेशियर से 52, कैलाश जर्नी से 31, फिशटेल टूर्स एंड ट्रैवल्स से 27, अल्पाइन इको ट्रेक से 20, काठमांडू हॉलिडे टूर्स एंड ट्रैवल्स से 17, रिचा टूर्स एंड ट्रैवल्स से 12 और एक्सप्लोर वेकेशन से सात यात्री शामिल हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
नेपाल में आई बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। लोगों को मलबे से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है। टूरिज्म बोर्ड ने कहा कि यह सूची शुरुआती है और इसकी पुष्टि होनी बाकी है। बोर्ड ने यात्रियों और उनके परिवारों से अपील की है कि वे पुष्टि की प्रक्रिया पूरी होने तक कोई नतीजा न निकालें।
Nepal flash flood –
नेपाल में आई बाढ़ का एक और डरावना वीडियो। यह तस्वीर चीन अधिकृत तिब्बत के इमिग्रेशन सेंटर की है। बाढ़ की वेव करीब 5 मंजिला ऊंची इमारत को पार कर गईं। यहां पर शायद ही कोई जिंदा बच पाया होगा। बाढ़ की शुरुआत इसी एरिया से हुई, जो बाद में नेपाल में एंटर हुई। https://t.co/JiWboP9mSw pic.twitter.com/DYFAgNHZIr
— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 26, 2026