अगर आप SBI के UPI से रोज पेमेंट करते हैं, तो 4 सितंबर की रात थोड़ा ध्यान रखना होगा. बैंक ने बताया है कि मेंटेनेंस की वजह से कुछ समय के लिए UPI से पेमेंट नहीं हो पाएगा. लेकिन, इस दौरान UPI Lite का इस्तेमाल किया जा सकेगा, इसलिए छोटे पेमेंट के लिए कस्टमर्स के पास एक ऑप्शन रहेगा. SBI के मुताबिक, 4 सितंबर 2026 को रात 12:15 बजे से 1 बजे तक UPI सर्विस उपलब्ध नहीं रहेगी. यानी इस सेवा पर करीब 45 मिनट तक असर रहेगा. बैंक ने ये भी कहा है कि मेंटेनेंस का काम फिक्स समय से पहले पूरा हो सकता है.
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इस दौरान कस्टमर्स छोटे पेमेंट के लिए UPI Lite का इस्तेमाल कर सकते हैं. UPI Lite में 1,000 रुपये तक के छोटे ट्रांजैक्शन किए जा सकते हैं और इसके लिए हर बार UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती. इसमें ज्यादा से ज्यादा 5,000 रुपये का बैलेंस रखा जा सकता है.
SBI UPI की ट्रांजैक्शन लिमिट
UPI के जरिए एक दिन में कुल 1 लाख रुपये तक का ट्रांजैक्शन किया जा सकता है. पर्सन टू पर्सन यानी P2P पेमेंट से हर रोज 20 ट्रांजैक्शन कर सकते है वहीं, कुछ वेरिफाइड मर्चेंट कैटेगरी के लिए ज्यादा लिमिट उपलब्ध है. इंश्योरेंस और कैपिटल मार्केट में ये सीमा 2 लाख रुपये तक, जबकि IPO, टैक्स पेमेंट, अस्पताल और स्कूल, कॉलेज के लिए 5 लाख रुपये तक है.
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सरकार UPI के कुछ चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने की तैयारी कर रही है. इस बारे में सितंबर के बीच तक नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद बताई गई है. लेकिन, अभी MDR की दर, ट्रांजैक्शन की सीमा और बाकी नियम ऑफिशियल तौर पर फिक्स नहीं हुए हैं.
UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा
UPI ने पिछले कुछ सालों में डिजिटल पेमेंट को काफी आसान बनाया है. FY 2016-17 में जहां UPI पर करीब 2 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे, वहीं FY 2025-26 में ये तादाद बढ़कर 24,162 करोड़ से ज्यादा हो गई. इसी दौरान ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू भी 0.07 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 314 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई.
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