CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का माँगा इस्तीफा, अगर 48 घंटे में इस्तीफा नहीं हुआ तो होगा आंदोलन

अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग लिया है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर नए आंदोलन की भी चेतावनी दी है। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने ये भी दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं के हारने की वजह ज्ञानेश कुमार हैं। हालांकि, उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया है। एक खोजी मीडिया रिपोर्ट के बाद CEC विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं।

दीपके से पूछा गया कि विपक्ष को भी इस बार चुनाव से मना कर देना चाहिए क्या। इसपर उन्होंने जवाब दिया, ‘मैं तो यही कह रहा हूं अगर फ्री एंड फेयर नहीं होता है तो कोई भी चुनाव न लड़े। भाजपा के नेता भी जो हारे इलेक्शंस उनको भी मैं कहना चाहता हूं सर आप भी जीत सकते थे लेकिन आपको ज्ञानेश कुमार ने हराया है।’

यूपी चुनाव पर भी बोले

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी सीजेपी नेताओं से सवाल किया गया। पूछा गया था कि क्या समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव आपकी बात मानेंगे और चुनाव से दूरी बनाएंगे। दीपके ने जवाब दिया, ‘जिसको बात माननी है वो माने जिसको ना माननी है वो ना माने वो उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।’

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कॉकरोच जनता पार्टी ने 48 घंटों में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। साथ ही आंदोलन का प्लान भी बता दिया है। दीपके ने बताया कि इस्तीफा नहीं होने पर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हम हर राज्य जाएंगे। हम हर शहर जाएंगे और लोगों को जगाने की कोशिश करेंगे। जैसे एक हमने जंतरमंतर पर आंदोलन करने से पहले हम देश भर में गए थे। वैसे ही हम ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी देश भर में जाएंगे।’

 

 

तीन मांगें रखीं

मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया की पूरी स्वतंत्र जांच, SIR रोके जाना और पहले की मतदाता सूची को बहाल करने समेत कई मांगे सीजेपी ने की हैं। इमें सभी संबंधित एसआईआर रिकॉर्ड और फाइलों को उच्चतम न्यायालय या स्वतंत्र न्यायिक निगरानी वाली जांच को सौंपना, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार शामिल है। इन मांगों में उन अधिकारियों की पहचान करना भी शामिल है, जिन्होंने विवादित बदलावों और निर्देशों को मंजूरी दी थी।

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वोट चोरी का मुद्दा उठाया

उन्होंने आगे कहा, ‘और अभी भी हम जब जा रहे हैं लोगों के साथ स्कूल देखने के लिए हमें वो लोग कह रहे हैं कि सबसे बड़ा मुद्दा अभी वोट की चोरी है। सबसे बड़ा मुद्दा चुनाव से छेड़छाड़ है। तो लोगों में गुस्सा पहले ही बहुत है। अच्छा होगा अगर ज्ञानेश कुमार 48 घंटों के अंदर इस्तीफा दे दें, नहीं दो ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरे देश में आंदोलन होगा।’

विपक्ष से चुनाव नहीं लड़ने की अपील

दीपके ने कहा, ‘हमें यह लगता है कि आप कैसे किसी खेल में भाग ले सकते हैं, जब आपको पता है कि खेल पहले से ही फिक्स्ड है। क्रिकेट का मैच अगर आपको पता है कि फिक्स होने वाला है, तो आप उस मैच में भाग नहीं लेंगे।’ साथ ही उन्होंने अमेरिका समेत अन्य देशों का उदाहरण देकर बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराए जाने की मांग की है।

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चुनाव आयोग और विवाद

दरअसल, हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। उसमें कहा गया था कि SIR को लेकर दो चुनाव आयुक्तों ने सवाल उठाए थे। इनमें सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी का नाम शामिल है। हालांकि, बाद में आयोग ने कहा था कि सभी फैसले सहमति से लिए गए थे और वैचारिक मतभेदों को टकराव नहीं माना जाना चाहिए।