जांजगीर के गौठान में दर्जनभर से अधिक गायों की मौत, सरपंच-सचिव पर लगा गंभीर आरोप, बीमार गौवंश की हालत देख ग्रामीणों में आक्रोश

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तुसमा के गौठान से गौवंश की दुर्दशा का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार गौठान में दर्जनभर से अधिक गायों की मौत हो चुकी है। वहीं, कई अन्य गायें बीमार और कमजोर हालत में पड़ी हुई हैं। इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है

ग्रामीणों का आरोप है कि गौठान में गायों के लिए समय पर चारा-पानी और उचित इलाज की व्यवस्था नहीं होने के कारण उनकी हालत बिगड़ती गई। आरोप है कि देखते ही देखते कई गायों की मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, गौठान परिसर में दुर्गंध भी फैली हुई है, जिससे वहां की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं|

सरपंच, सचिव और पशु विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि गौवंश की बिगड़ती स्थिति को लेकर सरपंच, सचिव और पशु विभाग को ध्यान देना चाहिए लेकिन इसके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना अभी बाकी है| गौवंश के संरक्षण और देखभाल के उद्देश्य से संचालित गौठान में यदि पशुओं को समय पर चारा, पानी और इलाज नहीं मिल रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। तुसमा गौठान की स्थिति ने पशुओं की देखरेख और जिम्मेदारों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं|

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ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल जांच टीम भेजकर गौठान की स्थिति का निरीक्षण कराया जाए। मृत गायों की संख्या और मौत के कारणों की पुष्टि के लिए आवश्यक पशु चिकित्सा जांच एवं पोस्टमार्टम कराया जाए। साथ ही, बीमार गायों को तत्काल उपचार, चारा और पानी उपलब्ध कराया जाए तथा जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए अब बड़ा सवाल यह है कि तुसमा गौठान में गौवंश की इस कथित दुर्दशा के लिए जिम्मेदार कौन है और प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करेगा?