मर्दों में दिखें ये 7 लक्षण तो तुरंत कराएं डायबिटीज की जांच, अनदेखी पड़ सकती है भारी

डायबिटीज यानी मधुमेह एक ऐसी बीमारी है, जो धीरे-धीरे शरीर को प्रभावित कर सकती है। कई बार शुरुआत में इसके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि पुरुष उन्हें काम का तनाव, बढ़ती उम्र या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। बार-बार प्यास लगना, पेशाब अधिक आना, बिना वजह वजन घटना और लगातार थकान महसूस होना ऐसे संकेत हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है। समय रहते ब्लड शुगर की जांच कराने से डायबिटीज का पता लगाने और उससे जुड़ी जटिलताओं का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।

 

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पुरुषों में डायबिटीज का खतरा उम्र बढ़ने, अधिक वजन, शारीरिक गतिविधि की कमी, परिवार में मधुमेह का इतिहास और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियों में बढ़ सकता है। हालांकि, यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है और कई लोगों में शुरुआती दौर में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए केवल लक्षणों का इंतजार करना सही नहीं है। नियमित स्वास्थ्य जांच भी महत्वपूर्ण है।

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पुरुषों में डायबिटीज के 7 प्रमुख संकेत

1. बार-बार पेशाब आना

यदि दिन में बार-बार या रात में कई बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है, तो यह बढ़े हुए ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है। हालांकि, इसके दूसरे कारण भी हो सकते हैं।

2. बहुत ज्यादा प्यास लगना

पर्याप्त पानी पीने के बावजूद बार-बार प्यास लगना और मुंह सूखना डायबिटीज के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं।

3. लगातार थकान और कमजोरी

पर्याप्त नींद लेने के बाद भी थकान महसूस होना या रोजमर्रा के कामों में ऊर्जा की कमी रहना बढ़े हुए ब्लड शुगर से जुड़ा हो सकता है।

4. बिना कोशिश के वजन कम होना

खानपान या व्यायाम में बदलाव किए बिना वजन तेजी से कम होना एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत है। ऐसा होने पर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

5. धुंधला दिखाई देना

ब्लड शुगर में बदलाव के कारण नजर अस्थायी रूप से धुंधली हो सकती है। बार-बार ऐसा होने पर आंखों की जांच के साथ ब्लड शुगर की जांच भी जरूरी है।

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6. घाव भरने में देरी और बार-बार संक्रमण

त्वचा पर घाव देर से भरना या त्वचा, मसूड़ों और जननांगों में बार-बार संक्रमण होना डायबिटीज से जुड़ा हो सकता है।

7. यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं

कुछ पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन यानी इरेक्शन बनाए रखने में परेशानी डायबिटीज से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, तनाव, हार्मोन संबंधी बदलाव और दूसरी बीमारियां भी इसकी वजह बन सकती हैं।

 

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डायबिटीज की जांच कब और कैसे कराएं?

इनमें से एक या अधिक लक्षण लगातार दिखाई दें, तो डॉक्टर से संपर्क करें। जांच के लिए फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज, HbA1c या जरूरत के अनुसार अन्य ब्लड ग्लूकोज टेस्ट किए जा सकते हैं। HbA1c टेस्ट पिछले लगभग 2 से 3 महीनों के औसत ब्लड शुगर का आकलन करता है। जांच का चुनाव डॉक्टर आपकी स्थिति और स्वास्थ्य इतिहास के आधार पर करते हैं।

जिन पुरुषों का वजन अधिक है, परिवार में डायबिटीज का इतिहास है या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हैं, उन्हें डॉक्टर से यह भी पूछना चाहिए कि नियमित स्क्रीनिंग कब शुरू करनी चाहिए। लक्षण न होने पर भी जांच की जरूरत हो सकती है।

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डायबिटीज से बचाव के लिए क्या करें?

संतुलित भोजन करें, मीठे पेय और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें, नियमित शारीरिक गतिविधि अपनाएं, पर्याप्त नींद लें और वजन को स्वस्थ सीमा में रखने की कोशिश करें। धूम्रपान से बचना भी बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

ध्यान दें कि बहुत ज्यादा प्यास और पेशाब के साथ उल्टी, पेट दर्द, तेज या गहरी सांस, अत्यधिक कमजोरी अथवा भ्रम जैसी समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। डायबिटीज की पुष्टि केवल लक्षणों से नहीं, बल्कि उचित जांच से होती है।

 

 

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