हनीट्रैप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिम्मेदार: कंप्यूटर बाबा

जबलपुर. कंप्यूटर बाबा ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को हनीट्रैप मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि ये मामला उन्हीं के 10-15 साल के कार्यकाल में प्रदेश में फला-फूला। इसलिए शिवराज सिंह इसके जिम्मेदार हैं।

बुधवार को जबलपुर पहुंचे कंप्यूटर बाबा ने बताया कि उन्होंने रेत का अवैध खनन रोकने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार किया है। इस प्लान में संतों की मंडली रतजगा और भजन कीर्तन कर अवैध खनन रोकेगी। इसके लिए प्रदेश में 250 मंडली बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि रेत खनन के अपराधियों पर रासुका लगाने की बात कही है।

प्रदेश की राजनीति में भूचाल लाने वाले हनी ट्रैप मामले पर कंप्यूटर बाबा ने नया खुलासा किया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जिम्मेदार ठहराया है। नर्मदा, क्षिप्रा और मंदाकिनी नदी न्यास के अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा का कहना है कि पिछले 10 से 15 वर्षों में ही हनी ट्रैप के मामले इतना आगे बढ़ गए।

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शिवराज की सरकार थी, इसलिए वही जिम्मेदार : कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि ये वही समय था, जब मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार थी इसलिए पूरे मामले के असल जिम्मेदार शिवराज हैं। हनीट्रैप मामले की जांच सीबीआई से कराने पर कंप्यूटर बाबा ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ही उचित फैसला करेंगे लेकिन जो भी हो मामले मे कोई भी दोषी निकले उसे बख्शा नहीं जाएगा।

अवैध खनन को रोकने का ब्लू प्रिंट तैयार
कंप्यूटर बाबा ने बताया कि राज्य में रेत खनन रोकने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है और कोशिश है कि रेत का अवैध खनन करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियत के तहत कार्यवाई संभव हो सके। जबलपुर प्रवास पर आए कंप्यूटर बाबा ने दावा किया कि रेत के अवैध खनन में करीब 10 से 15 फीसदी की कमी आई है। जब नदियों में पानी कम होगा तो नई रेत नीति के तहत रेत का खनन नदियों से कराया जाएगा। नर्मदा में रेत का अवैध खनन करने वालों पर उन्होंने रासुका जैसी कठोर कार्रवाई की बात कही है।

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मंडली रतजगा करके रोकेंगी अवैध खनन
उन्होंने कहा कि अगर अपराधियों पर रासुका लगेगा तो उनपर लगाम कसी जा सकेगी। इसके तहत 250 संतों की मंडली नर्मदा या अन्य नदियों के घाट किनारे और चिन्हित किए गए अवैध रेत खनन के स्थानों पर रतजगा कर भजन कीर्तन करेगी और अगर अवैध खनन होता दिखा तो उसे भी रोकेगी।