मालखरौदा पुलिस पर हत्या का आरोप लगाकर थाना का घेराव, एसपी के आश्वासन के बाद मामला शांत 

छत्तीसगढ़ के जांजगीर चाम्पा जिले के मालखरौदा थाना में पिटाई के बाद हुई एक शख्स की मौत का आरोप लगाकर भीम आर्मी और स्थानीय ग्रामीणों ने हंगामा किया और थाने का घेराव कर दिया|  ग्रामीणों की भारी संख्या को देखकर थाना में हड़कंप मच गया आननफानन में अतिरिक्त बल बुलवाना पड़ा, पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया |  गुस्साए लोगों को शांत कराने के लिए स्वम् एसपी पारुल माथुर को सामने आना पड़ा|  उन्होंने उचित कार्यवाही का आश्वासन देने के बाद मामला शांत हुआ | भीम आर्मी ने उचित कार्यवाही नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है |
पुलिस थाना मालखरौदा में पदस्थ थानेदार उमेन्द्र साहू पर पिटाई से नीरज कुर्रे  की मौत का आरोप लगा है, पहले युवक को मालखरौदा थाने में पूछताछ के लिए लाया गया था, पूछताछ के दौरान संदेही की पुलिस ने पिटाई की थी, पिटाई पश्चात उसे गंभीर अवस्था में सिम्स रेफर किया गया,युवक का सिम्स में इलाज नहीं होने से मालखरौदा सीएचसी वापस कर दिया गया। 29 नवम्बर शुक्रवार की रात मालखरौदा सीएचसी में युवक की मौत हो गई। इधर शनिवार की सुबह युवक के परिजनों ने मालखरौदा थाने का घेराव कर दिया। इससे पहले पुलिस ने शनिवार की सुबह ही बड़ी संख्या में पुलिस बल की व्यवस्था कर ली थी मामले की सूचना पाकर जिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारुल माथुर सदलबल धरना स्थल पर पहुंची, साथ ही अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शक्ति शोभराज अग्रवाल सहित जिले के अन्य पुलिस थानों से भी थाना प्रभारी एवं आवश्यक बल को बुलवा लिया गया था, एवं पुलिस प्रशासन के साथ उन्होंने थाना घेराव करने वाले लोगों को उचित कार्रवाई करने का आस्वाशन दिया |
पोस्टमार्डम रिपोर्ट के बाद कार्यवाही 
जिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारुल माथुर ने ग्रामीणों को शांत करते वक्त आश्वासन दिया है की सोमवार को पोस्टमार्डम रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्यवाही करने का आस्वाशन दिया है |
क्या है पूरा मामला 
ग्राम पोता से गुजरने वाली नहर में नीरज कुर्रे और कुछ लोगों ने मछली पकड़ने के लिए जाल लगाया था|  22 अक्टूबर को जाल एक बालक का शव फसा हुआ पाया गया था | इसी मामले में पूछताछ के लिए शाम 5 बजे मालखरौदा पुलिस के सिपाही नीरज को घर से थाना लेकर गए| रात भर पूछताछ के बाद सुबह 11 बजे नीरज को मालखरौदा के सीएचसी लेकर पहुंची, लेकिन यहाँ के डॉक्टरों ने मामले को गंभीर देखते हुए तत्काल उसे जांजगीर रिफर कर दिया| जांजगीर के भी डॉक्टरों ने नीरज की प्राथमिक जाँच के बाद हाथ खड़े कर दिए और बिलासपुर रिफर कर दिया|  वहा पांच दिनों तक इलाज के बाद 29 अक्टूबर को पुलिस वालों ने नीरज को घर छोड़ दिया| इस दौरान नीरज के तबियत में कोई सुधार नहीं आया| नीरज का मालखरौदा के सीएचसी में लगातार इलाज चलने के बाद 29 नवम्बर को डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया|
परिवार को नहीं दी मेडिकल रिपोर्ट
परिजनों ने पुलिस आरोप लगाया है की उन्होंने अभी तक नीरज के इलाज कराने की रिपोर्ट अभी तक नहीं सौंपी है, और न ही कोई जानकारी दी है |  परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगते हुए कहा हुए कहा की आखिर थाने उस रात  था जिसकी वजह से नीरज को को एक हॉस्पिटल से दूसरे और तीसरे हॉस्पिटल ले जाने की आवश्कता पड़ी |
अभी भूले नहीं है सतीश नोरगे हत्या काण्ड 
जांजगीर जिले के ही मुलमुला थाना में ऐसे ही पूछताछ के लिए
17 सितंबर 2016 को मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम नरियरा के युवक सतीश नोरगे गांव में ट्रांसफार्मर लगने के बाद भी मोहल्ले में बिजली बंद होने की शिकायत लेकर थाना मुलमुला गया था। वहां उसकी मौके पर उपस्थित तत्कालीन थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह के साथ विवाद हुआ। इसके बाद वहां के स्टाफ सहित थानेदार ने भी युवक सतीश नोरगे की पिटाई कर दी थी। इससे उसकी मौत थाना में ही हो गई थी।
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