पदोन्नति में आरक्षण पर पुनर्विचार याचिका के संबंध में चर्चा 14 को बिलासपुर में, 500 याचिकायें लगाने की तैयारी

Johar36garh| छत्तीसगढ़ में अब पदोन्नत में आरक्षण को लेकर सवर्णों द्वारा लगाई गई याचिका के बाद हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी | अब sc,st,obc ने भी इसके विरोध में मोर्चा खोल दिया है, इस सम्बद्ध में सभी कर्मचारी व अधिकारी 14 दिसम्बर को बिलासपुर में एकजुट हो रहे है, बैठक सुबह 11 बजे जल संसाधन विभाग हसदो बांगो परियोजना बैठक हॉल कलेक्ट्रेट नेहरू चौक बिलासपुर में रखी गई है |

सूत्रों की माने तो सवर्णों के 217 पिटीशन के जवाब में 500 याचिकायें लगाने की तैयारी में हैं | क्योंकि बैठक में सभी अधिकारी और कर्मचारियों, विभिन्न संगठनों से आधार कार्ड भी मंगाया गया है | आप को बता दे की  छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने 23 अक्टूबर 2019 को पदोन्नति में आरक्षण को लेकर संशोधित नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके तहत प्रथम से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ, अनुसूचित जाति को 13 फीसदी, जबकि अनुसूचित जन जाति के लिए 32 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की गई थी । नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि यह आरक्षण प्रथम श्रेणी के पदों से प्रथम श्रेणी के उच्च वेतनमान के पदों पर पदोन्नति होने, द्वितीय श्रेणी के पदों से प्रथम श्रेणी के पदों पर पदोन्नति और तृतीय श्रेणी के पदों पर पदोन्नत होने पर दिया जाएगा। विभागों में पदोन्नति के मसले इस आरक्षण के वजह से लंबित थे। अब इस नए संशोधन नियम के आधार पर पदोन्नति हो सकेगी। 

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