गरीबों के राशन पर डाका, मुख्यमंत्री की सोच में बने बाधक

संसार में फैली इस महामारी से देश को बचाने लॉक डाउन किया गया है, जिसमे देश में सब कुछ बंद है, इस दौरान देश की आर्थिक रूप से कमजोर, मजदूर और छोटे-छोटे किसान भूख न मरे इसके लिए तमाम लोगों ने अपने तिजौरी खोल दी है, जिससे जो बन पड़ रहा वो दे रहा, यहां तक की नन्हे बच्चों ने भी अपने गुल्लक तोड़ दिए है, लेकिन इन सबके बीच कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनको इन सब से कोई मतलब नहीं रहता है  कोई सरोकार नही उन्हें बस अपनी कोठी भरने की पड़ी रहती है | 

Johar36garh (Web Desk)| छत्तीसगढ़ जांजगीर जिले पामगढ़ के ग्राम पंचायत खपरी के उचित मूल्य की दुकान में हितग्राहियों के राशन पर डाका डाला जा रहा है वो भी 1-2  किलो का नहीं बल्कि 5-7  किलो से भी अधिक का, गुरुवार को ऐसे ही घटना का अंदेशा 2 हितग्राहियों के साथ हुआ |  एक हितग्राही ने जब उचित मूल्य की दुकान से 2 माह का चावल लिया तब उसे वजन कम होने का शक हुआ, तो उसने उस चावल को  एक अन्य जगह पर तौल किया तब वह 70 किलो की बजाए 62. 960 ही निकला, लगभग 7 किलो से भी अधिक चांवल कम था | ऐसा नहीं की ये भूल चूक या गड़बड़ी किसी एक के साथ हुआ हो, उसके साथ ही राशन लिए एक अन्य हितग्राही भी पहुंचा हुआ था, उसके भी चांवल को तौला गया तो वह 63. 750 निकला, अपने साथ हुए इस छलावे की जानकारी हितग्राही ने गांव के सरपंच को दी | 

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छीनकर ले गए तौल मशीन 


सरपंच ने अपने साथी पांचों व ग्रामीण के  साथ तत्काल उचित राशन मूल्य की दुकान पहुंचा और तौल को देखा उसने भी इस पर हैरानी जताई |  सरपंच तत्काल राशन दुकान पर पहुंचा और तौल मशीन को अपने कब्जे में ले लिया| तौल मशीन को सरपंच ग्राम पंचायत भवन ले आया, इसी दौरान दुकान की महिलाएं वहाँ पहुंच गए और हंगामा करते हुए  तौल मशीन को सरपंच से छीनकर अपने साथ अपने घर ले गए | फ़िलहाल सरपंच ने दोनों हितग्राहियों के चावल को पंचनामा कार्यवाही के बाद पंचायत भवन में रख दिया है | 


2 माह का राशन देने आदेश 


महामारी को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की जनता के लिए 2 माह का राशन एक साथ देने की घोषणा की थी, ताकि लोगों को राशन के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े|  ऐसे लोग जिनका राशन कार्ड अगर नहीं बना है उसे भी राशन देने का आदेश दिया है | साथ ही मुसाफिरों को मुफ्त में भोजन देने का कार्य राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है |   लेकिन इस फरमान का मौका परस्त लोग फायदा उठाने से भी बाज नहीं आते है | जिसका खामियाजा कमजोर और गरीब लोगों को उड़ाना पड़ता है | 


इससे पहले भी हो चुकी है शिकायत

ग्रामीणों ने बताया कि यह कोई नया मामला नही है इससे पहले भी  चावल वितरण करने वाले राधा स्व सहायता समहू विक्रेताओं के ऊपर शक्कर मिट्टी तेल देने जैसे वितरण को लेकर  इससे पहले भी कई बार घालमेल करने का आरोप लग चुका है बावजूद फिर भी इनके हौशले बुलंद है। आखिरकार अब देखना यह होगा कि ऐसे भ्रस्टाचारी विक्रेता समूह के ऊपर अधिकारी क्या कार्यवाही करते है।

खाद्य अधिकारी से की गई शिकायत  

सरपंच ने इस घटना की शिकायत खाद्य अधिकारी से तत्काल मोबाईल फोन से की गई , जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए शुक्रवार को जांच के लिए आने की बात कही है |

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सनी सूर्यवंशी की रिपोर्ट