जांजगीर जिला में ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश, कई जगह पेड़ टूटे 

Johar36garh (Web Desk)| छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिला में मंगलवार की तड़के लगभग 5 बजे तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि और बारिश हुई |  कई जगहों पर पेड़ भी टूट कर सड़क पर आ गिरे |

द्रोणिका के असर से प्रदेश में एक बार फिर से मौसम में बदलाव होगा। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को जांजगीर जिले में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई है। पामगढ़ में ओलावृष्टि भी हुई | जिले में पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा था । जिसके चलते मंगलवर की तड़के जमकर बारिश हुई है | क्षेत्र में हर दिन मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

जिले में  मंगलवार की सुबह मौसम ने फिर पलटी खाई । अचानक से सुबह बूंदाबांदी के बीच आधा घंटे तक झमाझम बारिश के साथ ओले भी गिरी  इससे थोड़ा समय के लिए लोगों को गरमी से राहत मिली ।
आज सुबह तेज हवा बिजली कड़कने के वजह से कई जगहों पर पेड़ धराशाई हो गया कई जगहों के बिजली टूटने फाल्ट होने की खबर मिला वहीं कितनो घरों के शीट उड़कर फेका गया साथ ही पकरिया में नहर के पास एक घर का शीट उड़कर नहर पर बह गया जिसे मकान मालिक के नहर पर धुंडने का प्रयास किया गया लेकिन नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण सीट नहीं मिला |

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आंधी तूफान बारिश  के वजह से पामगढ़ अकलतरा मुख्य मार्ग के बीच ग्राम पंचायत पकरिया में  सड़क पर कई बड़े बड़े पेड़ गिर गए जिसके वजह से कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ था लेकिन उक्से बाद लोगों के द्वारा पेड़ को काटकर का किनारे किया गया जिसके बाद आवगमन बहाल हो पाया | बस स्टैंड के पास सड़क किनारे एक कच्ची मकान में महिला अपने घर सोई हुई थी कि  घर के बाहर लगा हुआ  पेड़ घर के दूसरे  साइड  गिरा गनीमत रही कि पेड़ घर पर नहीं गिरा  जिसके वजह से बड़ा हादसा टला|

मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्से के एक दो स्थानों पर बारिश की संभावना जताई थी | इसके साथ ही तेज हवा के साथ बिजली गिरने के आसार है। मौसम विज्ञानियों की माने तो कल यानी मंगलवार को प्रदेश में तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट देखने को मिल सकती है। मौसम के बदलने के कारण की बात करें तो एक चक्रीय चक्रवर्ती घेरा पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास में 0.9 किलोमीटर पर स्थित है। पूरब पश्चिम द्रोणिका 0.9 किलोमीटर पर पूर्वी राजस्थान से उत्तर छत्तीसगढ़ तक स्थित है। एक द्रोणिका 0.9 किलोमीटर उत्तर तटीय कर्नाटक से मराठवाड़ा तक स्थित है।

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गंगा बैर तोड़ने लोगो की उमड़ी भीड़

पकरिया नहर के पास सड़क पर एक गंगा बैर का बड़ा पेड़ धराशाई होकर सड़क पर गिरा वहीं कुछ देर बाद बारिश बन्द हुआ जिसके बाद उस पेड़ के पास लोगो का गंगा बैर तोड़ने खाने के लिए  बच्चो महिलाओं व बुजुर्गो का हुजूम  उमड़ पड़ा कोई  थैला लेकर  तो कोई बाल्टी पन्नी लेकर दौड़े  इस बीच राहगीरों ने भी रुक कर गंगा बैर खाकर मौसम का लुप्त उठाया |  पकरिया सहित आसपास के गांवों में भी कई जगह पेड़ धराशयी हुआ है|  इस घटना में किसी भी  प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।