झीरम घाटी कांड के षडयंत्र की सच्चाई को सब जानना चाहते हैं : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

Johar36garh (Web Desk)|मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को झीरम सहित अन्य नक्सल घटना के शहीदों को श्रद्धांजलि देने राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि झीरमघाटी कांड में राजनैतिक नरसंहार किया गया। शहीद आत्माओं को अभी तक न्याय नहीं मिला है। झीरम घाटी कांड के षडयंत्र की सच्चाई को सब जानना चाहते हैं। हमारे सुरक्षाकर्मी बड़ी संख्या में और आम नागरिक भी शहीद हुए थे। मुख्यमंत्री बघेल ने इस दौरान जगदलपुर महाविद्यालय को बस्तर टाइगर महेन्द्र कर्मा के नाम से घोषणा की।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष 25 मई को झीरम श्रद्धांजलि दिवस मनाया जाएगा। आज प्रदेश के सभी शासकीय और अर्धशासकीय कार्यालयों में मनाया गया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि एनआईए को पूर्व राज्य सरकार ने जो जांच सौंपी और उन्होंने अपनी जांच कम्पलीट कर ली,लेकिन जो झीरम घाटी कांड में षंडयंत्र हुआ है उसके बारे में कोई जांच नहीं हुई। जो नक्सली पकड़े गए हैं, एएनआई ने आत्मसमर्पित नक्सलियों का बयान नहीं लिया। जो घटना स्थल पर थे उनसे भी बयान नहीं लिया गया। फूलोदवी नेताम सहित झीरम में घटना स्थल पर उपस्थित साथियों के भी बयान एनआईए ने नहीं लिया। एनआईए जांच ही अधूरी है। इस मामले में जांच पूरी हो, सबका बयान हो, जो तथ्य है सामने आने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना सबसे पहले हवाई यात्रियों से छत्तीसगढ़ में आया। कोरोना महामारी का हम सब ने डटकर सामना किया,जो सफलता मिली है वह सबके सामूहिक प्रयत्नों का परिणाम है। छत्तीसगढ़ के आम नागरिक और छत्तीसगढ़ के शासन के अधिकारी, कर्मचारियों, हमारे सभी जनप्रतिनिधियों, छत्तीसगढ़वासियों हमारे सभी समाजिक संगठनों और सभी औद्योगिक व्यवसायिक संगठनों और साथ ही मीडिया और पत्रकारों,सभी ने मिलकर कोरोना से सामना किया। अभी तीसरे फेस में जो श्रमिक या छात्र-छात्राएं आए हैं। लॉक डाउन के कारण,जो लोग बाहर फंस गए थे वो सब लोग भी वापस आए हैं और निरंतर आने ता सिलसिला जारी है। इन्हीं में से कुछ संक्रमित व्यक्ति भी वापस आ रहे हैं। निश्चित रूप से संक्रमण की संख्या बढ़ी लेकिन डरने और घबराने जैसी बात नहीं है। लॉक डाउन के प्रथम चरण और दूसरे, तीसरे चरण में हम सब ने मिलकर कोरोना नियंत्रित किया और चौथा चरण में भी नियंत्रित करेंगे। ये सब सबके सहयोग से ही संभव हो पाया है।

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