Johar36garh (Web Desk)| कोरबा में क्वारेंटाइन किए गए एक व्यक्ति की जिला अस्पताल में मौत हो गई | जानकारी छुपाकर परिजन उसे अस्पताल में भर्ती करा दिए थे। जिससे डॉक्टरों में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों ने शव को सुरक्षित रख दिया और सैंपल रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे है |
मिली जानकारी के अनुसार बुधवारी में निवास करने वाले बसीरखान की कुछ दिन पहले वापसी अन्य प्रदेश से हुई थी। कोविड-19 संबंधित प्रोटोकॉल के हिसाब से प्रशासन ने उसे घर भेजने के बजाए मिनीमाता गल्र्स कॉलेज परिसर में बनाए गए सेंटर में क्वारटाइन किया गया था। बताया गया कि पिछली रात इस व्यक्ति की तबियत अचानक बिगड़ गई। जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और एक वाहन के जरिये उसे जिला अस्पताल ले गए ।
वहां चिकित्सकों से यह जानकारी छिपायी गई कि पीड़ित को क्वारेंटाईन किया गया था और सामान्य रूप से बीमार होने की बात बताते हुए भर्ती कराने में सफलता प्राप्त कर ली थी। कुछ ही घंटे बाद उसकी स्थिति बिगड़ गई। जिस पर अस्पताल प्रबंधन ने पीड़ित को यहां से डिस्चार्ज करते हुए बिलासपुर के लिए रेफर कर दिया। मामला तब बिगड़ा जब रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
यह सूचना मिलने के बाद जिला अस्पताल के साथ-साथ क्वारेंटाईन सेंटर में हड़कंप मच गया। बॉडी फिलहाल जिला अस्पताल में रखा गया है। जिस वार्ड में मरीज को रखा गया था, उसे सेनेटाइज कर सील कर दिया गया है। मृतक का सेम्पल 23 मई लिया गया है । रिपोर्ट अभी नहीं पहुंची है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे कदम उठाया जाएगा । इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ अरुण तिवारी ने बताया कि उनको सीने में जकड़न औए सांस लेने में तकलीफ की शिकायत थी। 23 मई को उनका सैम्पल भेजा गया है रिपोर्ट आते ही आगे की करवाई की जाएगी।
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