Johar36garh (Web Desk)| छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख़्यमंत्री अजीत जोगी की दशगात्र 8 जून को होगा| कार्यक्रम उनके गृह ग्राम जोगी निवास, जोगीसार, गौरेला में किया जाएगा | इसकी जानकारी अमित जोगी ने ट्वीट कर दी है |
स्वर्गीय श्री अजीत जोगी जी का दशगात्र कार्यक्रम:
तिथि- सोमवार, 8 जून 2020
दशगात्र एवं गंगा पूजन- 10 से 12 बजे
श्रद्धांजलि एवं शांति भोज- 12 से आपके आगमन तकस्थान- जोगी निवास, जोगीसार, गौरेला
दिवंगत आत्मा की शांति हेतु आप की उपस्थिति प्रार्थनीय है।
शोकाकुल
अमित अजीत जोगी pic.twitter.com/Zop1IsmOjk
— 𝐀𝐦𝐢𝐭 𝐀𝐣𝐢𝐭 𝐉𝐨𝐠𝐢 (@AmitJogi) June 6, 2020
अजीत जोगी जी के आगे हमने स्वर्गीय नहीं लगाया है क्योंकि उनका केवल शरीर ही मृत हुआ | उनका संघर्ष, मेहनत, कामयाबी, लोगों के प्रति प्रेम आज भी हमारे जहन में जीवित हैं |
एक घटना याद आती है
ये घटना 2016-2018 के बीच की है| शाम का समय था मैं जोगी बंगला के आस-पास किसी काम के लिए गया हुआ था| समय मिलने पर पैदल घूमते हुए मैं भी जोगी बंगला पहुंच गया | वहां 50-60 लोग रहे होंगे | जो अलग-अलग ग्रुप में बैठे थे | उसी बीच एक ब्यक्ति बहुत परेशान दिखाई दे रहा था | उसके कपड़े भी बहुत मैले और कई जगह से फ़टे हुए थे | पुराना एक झोला कंधे पर लटकाए हुआ था | उसका एक आँख से काना दिखाई दे रहा था | कभी इधर जाता अभी उधर जाता | उसकी स्थिति देखकर लग रहा था की वह किसी बात को लेकर काफी परेशान था | कुछ देर बाद जोगी जी अपने कमरे से बहार आए, सब ने उसे घेर लिया | मुझे जोगी जी से कोई काम नहीं था, सो दूर में ही खड़ा देख रहा था| उतने बड़े-बड़े लोगों के बीच में जोगी जी ने सबसे पहले उसी ब्यक्ति की बात सुनी | दरअसल उसकी पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई थी, उसके लाख कोशिशों के बाद भी वह नहीं मान रही थी | जब उसे कुछ रास्ता नहीं दिखा तब वह जोगी के पास पहुंचा था | शायद उसकी पत्नी और ससुराल वाले जोगी जी बात सुनकर मान जाए | जोगी जी को रोते हुए उस युवक ने अपनी आप बीती सुनाई, जोगी जी ने युवक से कुछ सवाल कर वापस पत्नी के पास जाकर बात करने को कहा, जिस पर युवक मायूस हो गया, जोगी जी ने उसके चेहरे को देख फिर उसकी पत्नी और ससुराल वालों से बात करने के लिए राजी हो गए, जिससे पुनः उस युवक के चेहरे पर मुस्कान आई और जल्दी से अपना मोबाइल निकला| उसका मोबाइल बटन वाला था और ढकन टूटा हुआ था | जल्दी मोबाइल की बैट्री ठीक और नंबर मिलाया, लेकिन पत्नी ने फोन नहीं उठाया | जोगी जी ने कहा दोबारा लगाओ युवक फिर लगाया, लेकिन नहीं उठाया | तब तक जोगी जी उसी के सामने ही खड़े रहे | काफी समय होने के बाद जोगी जी अन्य लोगों की समस्या सुनने लगे, लेकिन नज़रे उसी की तरफ रही | लोगों की समस्या सुनने के बाद वे पुनः उसके पास गए, तब-तक वह युवक फ़ोन लगा ही रहा था, इसी दौरान पत्नी ने फ़ोन उठाया, फिर उसने पत्नी से जोगी जी की बात कराई| जोगी जी ने उसकी पत्नी और उसके ससुराल वालों से बात की और घर आने का आग्रह किया |
इस फ़ोन के बाद उसकी पत्नी वापस आई की नहीं ये हमें पता नहीं , लेकिन रोते हुए युवक के चेहरे पर खुशी के आंसू को हमने देखा | 50-60 लोगों में वह युवक एकलौता था जिसने अस्त-ब्यस्त कपड़े, जूते भी फटे हुए, बदहाल अवस्था में था | युवक जोगी जी पास बहुत उम्मीद के साथ आया हुआ था, और जोगी जी ने भी उसके उम्मीद के अनुसार किया | इसीलिए शायद जोगी जी को गरीबों का मसीहा कहते थे |