गौठान संचालन के लिए 10 हजार रूपए प्रतिमाह, गौठानों के लिए राशि जारी

Johar36garh (Web Desk)|छत्तीसगढ़ की पुरानी परंपरागत रोका-छेका व्यवस्था को राज्य सरकार द्वारा लागू कराने के सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। किसानों और पशुपालको के चेहरे पर निश्चिंतता के भाव दिखने लगे हैं। मवेशियों से फसल की सुरक्षा को लेकर किसान निश्चिंत हुए है, वहीं मवेशियों के फसल चरने से होने वाले विवाद से पशुपालक भी मुक्त हुए है। इस अभियान के शुरू होने से ग्रामीणों में एक जुटता आयी है। वे निश्चिंत होकर खेती-किसानी में लग गए हैं। नगरीय क्षेत्रों में खुले में घुमने वाले स्वतंत्र मवेशियों को नियंत्रित किया जा रहा है। इससे सड़क दुर्घटनाएं, यातायात में बाधा जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आव्हान पर गांव-गांव में रोका-छेका अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधि किसान, पशुपालक, ग्रामीण जुट हुए हैं। इस परंपरागत व्यवस्था को पुनः लागू करने ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। रोका छेका अभियान से मवेशियों को नियंत्रित कर फसल को सुरक्षित रखा जाएगा। फसलों को मवेशियों से सुरक्षित रखना किसानों के लिए बड़ी चुनौती का काम होता है। खेती में की गयी किसानों की मेहनत छुट्टे घूमने वाले मवेशियों से असुरक्षित रहती थी। अब रोका-छेका अभियान से फसलों को आवारा मवेशियों से सुरक्षा मिलेगी।


मवेशियों के नियंत्रण और व्यवस्थापन के लिए राशि आंबंटित
राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा रोका-छेका के प्रभावी अमल के लिए गौठान प्रबंधन समितियों को राशि जारी की गई है। शासन की महत्वाकांक्षी नरवा, गरवा, घुरवा, बारी योजना के तहत संचालित हर गौठान को 40 हजार रूपए दिए गए हैं। गौठान प्रबंधन समितियों के माध्यम से खुले में घूमने वाले मवेशियों के नियंत्रण और व्यवस्थापन में यह राशि खर्च की जाएगी। खुली चराई को रोकने और फसलों की सुरक्षा के लिए गौठान की व्यवस्था को सशक्त बनाने, उनके रखरखाव और संचालन में भी इस राशि का उपयोग किया जाएगा।
जिला पंचायत द्वारा 150 गौठानों के लिए प्राप्त 60 लाख रूपए की राशि जनपद पंचायतों के खाते में जमा कराने राशि जारी कर दी गई है। इस राशि का उपयोग गौठान के सुचारू रूप से रखरखाव एवं संचालन पर खर्च किया जाएगा। जिले को प्राप्त राशि 150 गौठान में खर्च की जाएगी। इसमें प्रथम चरण की 139 एवं द्वितीय चरण की 11 गौठान शामिल है। जनपद पंचायत अकलतरा के 2 गौठान, बलौदा-13 गौठान, बम्हनीडीह-12 गौठान, डभरा-18 गौठान, जैजैपुर-26 गौठान, मालखरौदा-19 गौठान, नवागढ़-15 गौठान, पामगढ़-13 गौठान एवं जनपद पंचायत सक्ती के 22 गौठानों के लिए राशि जारी की गई है।
रोका छेका अभियान से पशुपालक और किसानों के चेहरे पर निश्चिंतता आ गयी है। अब मवेशी परंपरागत गौठानों में या सरकान द्वारा गौठानों में रखे जाएगें। गौठानों के व्यवस्थित संचालन के लिए गौठान समिति का गठन किया गया है। जांजगीर चांपा जिले के लिए स्वीकृत 335 गौठानों में से 209 पूर्ण हो चुके है। इन्हें सरकार की योजना के तहत गौठान संचालन के लिए 10 हजार रूपए प्रतिमाह दिया जा रहा है।

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