प्रशिक्षु डीएसपी ललिता मेहर ने गरीब बच्चों को निःशुल्क पढ़ाने और उन्हें आत्मरक्षा में निपुण करने का बीड़ा उठाया

Johar36garh (Web Desk)|पुलिस का नाम लेते ही लोगों के दिमाग में खाकी वर्दी पहने ऐसे शख्स की तस्वीर उभरती है, जो हाथ में बंदूक या लाठी लेकर लोगों को अपना रौब दिखाता हो। पुलिसवाले सामान्य तौर पर बड़े कठोर और सख्ती से काम लेने वाले दिखाई पड़ते हैं, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है। रतनपुर थाने में वर्तमान में पदस्थ प्रशिक्षु डीएसपी ललिता मेहर के बारे में तो यह बिल्कुल नहीं कहा जा सकता है। अपनी ड्यूटी के साथ साथ गरीब बच्चों को पढ़ा लिखाकर उन्हें जीवन में कुछ करने लायक बनाने के काम में जुटी हुई हैं।

रतनपुर थाना क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम बेलतरा के सूर्यवंशी मोहल्ले में रहने वाले गरीब परिवार के बच्चों को न सिर्फ पढ़ाया जायेगा बल्कि उन्हें इस कदर मजबूत बनाया जायेगा कि वे अपने आस-पास होने वाली गलत गतिविधियों का विरोध कर अपराध पर काबू करने में पुलिस की मदद कर सकें। बेलतरा में रहने वाले अधिकतर लोग परिवार के लालन पालन के लिए छोटे मोटे रोजी मजदूरी करअपना जीवनयापन करते है। इन परिवारों के बच्चे स्कूल के बाद खाली समय में इधर-उधर घूमा करते है, जिससे इनके गलत संगत में पड़ने की आशंका रहती है। इसके अलावा यहाँ रहने वाली छोटी बच्चियों के साथ अपराध होने का खतरा भी बना रहता है

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ऐसे में एक शिकायत की जांच में बेलतरा पहुची रतनपुर थाने में पदस्थ प्रशिक्षु डीएसपी ललिता मेहर बेलतरा के छोटी छोटी बच्चियाँ को बिना मास्क के मोहल्ले में धूमते देख उनको अपने पास बुलाई औऱ उनके पढ़ाई लिखाई की जानकारी ली। बच्चियाँ ने बताया कि लॉकडाउन के वजह से अभी स्कुल बंद है इसलिए मोहल्ले में घूमते रहते है। पढ़ाई पुरी तरह से बंद है। दिनभर मोहल्ले में खेलते रहते है।

बच्चियों की इन बातों को सुनकर ललिता मेहर को बहुत तकलीफ हुआ। उन्होने पहले सभी बच्चों को मास्क पहनाया औऱ सोशल डिस्टेंस व साफ सफाई की जानकारी दी। औऱ उन्होने तत्काल उस मोहल्ले में एक निःशुल्क कोचिंग क्लास चलाने का निर्णय ली। औऱ सभी बच्चों के बैठने व पढ़ने लिखने के लिए सामाग्री की व्यवस्था में जुट गई। मेहर ने यहां के बच्चों को पढ़ाने और उन्हें आत्मरक्षा में निपुण करने का बीड़ा उठाया।

उन्होंने बताया कि इस मोहल्ले में करीब 11 बच्चे कल 10 बजे से पढ़ने के लिए आएंगे। बच्चों को पढ़ाने के लिए मोहल्ले के ही एक लड़के को टीचर नियुक्त कर दी गई है। इनमें सभी बच्‍चे सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे हैं। अधिकतर बच्चे पढ़ने में तेज हैं, लेकिन सही दिशा और सलाह न मिल पर ये कुछ पिछड़ जाएंगे। इन बच्चों के स्कूल के सिलेबस के अलावा अंग्रेजी, गणित और जनरल नॉलेज पर भी विशेष ध्यान दिया जायेगा। ये बच्चे काफी होनहार हैं, जिन्हें सिर्फ सही राह दिखाने और सही माहौल देने की आवश्यकता है।

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बच्चों ने कहा कि हम सभी बड़े होकर देश की सेवा करेंगे, औऱ आप की ही तरह पुलिस ज्वाइन करेंगे। जिसके लिए हम खूब पढ़ाई करेंगे। पुलिस दीदी ने हमारे कोचिंग क्लास का “विद्या” – एक किरण उम्मीद की – का नाम दी है। जहां हमने अपने देश की संस्कृति और महान पुरुषों के बारे में जानने का मौका मिलेगा। और हमें अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद भी मिलेगी।