पामगढ़ छड़ोलिया में किसानों को बताया आयुर्वेदिक काढा का लाभ

Johar36garh (Web Desk)|अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (शिक्षण विभाग) के रासेयो कार्यक्रम अधिकारी ने निर्देशानुसार पामगढ़ छड़ोलिया निवासी छात्र ने खेत में काम कर रहे ग्रामीणों को आयुर्वेद काढ़ा के फायदे की जानकारी दी |
एम.एस.सी.(M.Sc) अध्ययनरत खाद्य प्रसंस्करण एवं पौधोगिकी के छात्र एवं रासेयो के वरिष्ठ स्वयंसेवक टिकम सिंह लहरे ने अपने गाँव के किसान मजदूरों को Covid-19 के बारे में जानकारी देते हुए सोशल डिस्टेंसिग का पालन करने के साथ मजदूरी करने का सुझाव दिया । अपने गाँव में धान रोपित करने वाले थरहौटी मे रोपित करने वाले महिलाओं-पुरषो को आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्देशित आयुर्वेदिक काढा में शामिल गिलोय,अदरक,तुलसी पत्ती, आदि की जानकारी देते हुए काढा बनाने की विधि समझाये एवं उसका सेवन स्वयं एंव पुरे परिवार को करने के लिए प्रेरित किया । साथ ही इस जानकारी को अपने गली-मुहल्ले वालो एवं अपने रिश्तेदारों के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया । इसके साथ ही पौधारोपण अभियान के तहत रासेयो वरिष्ठ स्वयंसेवक टिकम सिंह लहरे ने अपने गाँव में नहर के पास पौधारोपण किया एंव उसकी रक्षा करने का संकल्प  भी लिया । इस अभियान के बारे में टिकम ने अपने गाँव वालों को बताया एंव सभी गाँववालो को कम से कम एक-एक पेड़ पौधारोपण करने के लिए प्रेरित किया ।

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