Johar36garh (Web Desk)|छत्तीसगढ़ प्रदेश संस्कृति और परम्पराओं का गढ़ रहा है, यहां हुनर व हुनरबाजों की कमी नही है। ऐसे ही शख्स रहे छत्तीसगढ़ के कोहीनूर कहे जाने वाले विश्वविख्यात पंथी नर्तक देवदास बंजारे जो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गृह जिले दुर्ग के छोटे से धनोरा गांव से थे। विश्व के 84 से अधिक देशों तक पहुचाई छत्तीसगढ़ की संस्कृति सर्वप्रथम देवदास ने सन् 1983 में पद्मविभूषण हबीब तनवीर के नाट्य में विदेश में पंथी नृत्य की प्रस्तुति दी नाट्य में पंथी नृत्य को विदेशी देख उत्साहित दिखे इसके बाद से विदेश में पंथी नृत्य और देवदास का विदेश दौरो का सिलसिला चल पड़ा। वे ऐसे पहले नर्तक थे जिन्होने पंथीनृत्य के माध्यम से जर्मन, फ्रांस, लंडन, स्काटलैण्ड, ग्लैक्सिकों जैसे अन्य 84 से अधिक देशों तक संत गुरू घासीदास के क्रांतिकारी संतनाम संदेशों व प्रदेश की संस्कृति को पहुचाया।
पद्मश्री लिए बिना ही चले गए देवदास
आज ही के दिन 26 अगस्त 2005 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने अपने निवास पर चर्चा के लिए बुलवाया था, चर्चा इस बात की थी कि, उन्हें राष्ट्रीयस्तर पर सम्मान दिलाने की थी जिसके लिए आवश्यक दस्तावेज के सम्बंध में मुलाकात कर देवदास घर वापस लौट रहे थे वही उनकी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। ये बाते स्व. देवदास बंजारे के पुत्र दिलीप बंजारे से एक खास मुलाकात के दौरान बताई गई थी।
उनके बेटे दिलीप के अनुसार देवदास को उस समय पद्मश्री से नवाजा जाना था इसी सन्दर्भ में वे उस दिन मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए गए हुवे थे। उस दिन खुशी खुशी घर से निकले थे इसलिए क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह स्वयं उनके कीर्ति और प्रदेश के गौरव बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने की प्रक्रिया के लिए मिलने बुलवाया गया था। मुलाकात के बाद वापसी में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, जिसके बाद तात्कालिक सांस्कृतिक मंत्री बृजमोहन अग्रवाल स्वयं उनके शरीर को अंतिम कन्धा देने उनके गांव पहुचे थे। इस दौरान मंत्री बृजमोहन ने उन्हें परिवार को सहायता राशि के साथ उनके नाम, प्रतियोगिता आयोजित कर पंथी कलाकारों को हर साल सांस्कृतिक पुरुष्कार व नगद राशि दिए जाने की घोषणा भी की, जो कुछ समय बाद बन्द भी कर दिया गया।
पूर्व सरकार पर लगे आरोप पर क्या भूपेश सरकार करेगी न्याय ????
विश्वस्तर पर प्रदेश को पहचान दिलाने वाले पंथी नर्तक देवदास को अब तक उचित सम्मान नही मिल पाया जबकि प्रदेश में नव कलाकारों को पूर्व सरकार तमगे पहनाने में लगी रही वहीं पूर्व सरकार के इस दोहरे मापदंड पर सतनामी समाज हर बार सरकार से स्व. देवदास को उचित सम्मान दिए जाने का मांग करती रही है। प्रदेश में सत्ता बदल गई है, कांग्रेस कम छत्तीसगढ़ीया मुख्यमंत्री कहलाने वाले भूपेश बघेल की सरकार है। अब देखना होगा कि, मुख्यमंत्री के गृह जिले के देवदास बंजारे जिन्होंने प्रदेश कों विश्वस्तर पर सम्मान व गौरव दिया उन्हें सम्मान दिया जाता है या पूर्व सरकार की भांति केवल भूनाने का प्रयास किया जायेगा।
देवदास बंजारे को दिया जाए प्रदेश का सर्वोच्च सम्मान: सतनामी समाज
